आदिवासी विकास मंत्री डॉ अशोक उईके ने कचारगढ़ के विकास पर साधा मौन पत्रकार परिषद बनी दिखावा

बुलंद गोंदिया। आदिवासियों के आराध्य देव की कचारगढ़ यात्रा प्रतिवर्ष माघ माह में आयोजित की जाती है इस संदर्भ में राज्य के आदिवासी विकास मंत्री डॉ अशोक उईके ने जिलाधिकारी कार्यालय के जिला नियोजन सभागृह में आयोजित पत्र परिषद में कचारगढ़ यात्रा की तारीख ही पत्रकारों को बताया लेकिन जब बुलंद गोंदिया के पत्रकार द्वारा कचारगढ़ के विकास के संदर्भ में सवाल किया गया तो वह मौन साधे रहे तथा इस पर किसी भी प्रकार का समाधान कारक जवाब मीडिया को नहीं दिया।

गौरतलब है की गोंदिया जिले के सालेकसा तहसील के अंतर्गत आने वाले दरेकसा के कचारगढ़ में प्रतिवर्ष माघ माह में आदिवासी समाज के आराध्य के देवस्थान में लाखों लोग देश के विभिन्न क्षेत्रों से यहां पर आकर अपने देवता की आराधना करते हैं।
जिसके लिए शासन और प्रशासन द्वारा प्रतिवर्ष उनकी सुविधा की घोषणा तो की जाती है किंतु वे सिर्फ अब तक कागजों में ही दिखाई दे रही है।
इस वर्ष 2026 में कचारगढ़ यात्रा की जानकारी व उसके विकास के संदर्भ में जानकारी देने के लिए आदिवासी विकास मंत्री डॉ अशोक उईके द्वारा जिलाधिकारी कार्यालय के जिला नियोजन सभागृह में पत्र परिषद आयोजित की गई थी,जिसमें मंत्री महोदय द्वारा मात्र कचारगढ़ यात्रा 30 जनवरी से 3 फरवरी तक आयोजित होंगी मात्रा इतनी ही जानकारी दी जब उपस्थित पत्रकारों द्वारा गत अनेक वर्षों में कचारगढ़ के विकास के लिए 100 करोड रुपए से अधिक की निधि मंजूर की गई तथा उसके कार्य भी कागजों पर दिखाए गए इस संदर्भ में जब सवाल किया गया तो आदिवासी विकास मंत्री डॉ अशोक उईकेने मौन साध लिया तथा इसका किसी भी प्रकार का समाधान कारक जवाब नहीं दिया। साथ ही बुलंद गोंदिया के प्रतिनिधि द्वारा आमगांव से दरेकसा मार्ग की जर्जर हालत के संदर्भ में उन्हें जानकारी दी तो इस पर भी उन्होंने किसी भी प्रकार का समाधान कारक जवाब नहीं दिया।
जब आदिवासी विकास मंत्री ही पूरे देश के इतने बड़े महोत्सव वह विकास कार्य में लगने वाली निधि के संदर्भ में जानकारी नहीं दे पा रहे तो विकास कार्यों पर प्रश्न चिन्ह लगना स्वाभाविक है।
आयोजित पत्र परिषद में विधायक संजय पुराम, विधायक विनोद अग्रवाल जिप अध्यक्ष लायकराम भेंडारकर आदि उपस्थित थे।

आमगांव से दरेकसा मार्ग की जर्जर अवस्था
आमगांव से दरेकसा जाने वाले मार्ग की अवस्था जर्जर हो चुकी है जगह-जगह पेचेस लगे हुए हैं तथा दो पहिया वाहन से भी जाना खतरनाक साबित होता है इसके अलावा आमगांव से साले कासा के मार्ग पर स्थित बाघ नदी की पुलिया भी जर्जर अवस्था में हो चुकी है जिसके चलते भारी वाहनो का उपरोक्त मार्ग से जाना प्रतिबंधित किया गया है तथा जिसका डायवर्सन साकरीटोला-सातगॉव -तिरखेड़ी से किया गया है जिससे 13 किमी का ज्यादा फेरा लगाना पड़ता है। उल्लेखनीय है कि प्रचारगढ़ यात्रा के दौरान लाखों यात्री कचारगढ़ पहुंचेंगे लेकिन प्रशासन द्वारा इस और अब तक किसी भी प्रकार का इंतजाम नहीं किया गया।
विधायक पुराम ने दी गलत जानकारी
पत्रकार परिषद में जब आदिवासी विकास मंत्री डॉ अशोक उईके से उपरोक्त मार्ग के संदर्भ में सवाल किया गया तो मंत्री महोदय ने जवाब नहीं दिया वहीं दूसरी ओर क्षेत्र के आदिवासी विधायक संजय पुराम ने गुमराह करते हुए गलत जवाब दिया कि मार्ग सही है जबकि वास्तविक स्थिति में उपरोक्त मार्ग की हालत जर्जर अवस्था में हो चुकी है जब लाखों यात्री इस मार्ग पर यात्रा करेंगे तो क्या गोंदिया जिले का नाम रोशन होगा।।

प्रशासन की लापरवाही उईके की जगह लिखा वुईके
पत्र परिषद के दौरान आदिवासी विकास मंत्री डॉ अशोक युईक के पीछे चल रही स्क्रीन में प्रशासन की लापरवाही साफ दिखाई दी जहां मंत्री महोदय का संपूर्ण नाम डॉक्टर अशोक वीक है वहीं प्रशासन द्वारा स्क्रीन में डॉक्टर अशोक वीक की जगह डॉक्टर अशोक सी के लिखा हुआ था जैसे मंत्री महोदय के मंत्री के नाम में गलत शब्द लिखना यह प्रशासन की एक भारी लापरवाही सामने नजर आई।

मार्ग की थुक पॉलिश
आमगांव से दरेकसा मार्ग में जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो चुके हैं प्राप्त जानकारी के अनुसार उपरोक्त मेल को देखते हुए मार्ग की प्रशासन द्वारा थूक पॉलिश की जा रही है, हालांकि गड्ढे तो भुजाये जा रहे हैं लेकिन वह भी सिर्फ थूक पॉलिश जैसा काम हो रहा है।
उल्लेखनीय की मेले के पूर्व प्रतिवर्ष इस प्रकार की थूक पॉलिश बड़े पैमाने पर कर करोड़ों रुपए की निधि का बंटाधार किया जाता है।

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