जिले में बालविवाह के मामलो हो रही बढ़ोतरी, 15 दिन में दूसरा बाल विवाह मंडप में रोका प्रशासन ने

बुलंद गोंदिया। गोंदिया जिले में गत कुछ समय से बालविवाह के मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है,15 दिनों में ही दूसरा बाल विवाह गोंदिया ग्रामीण पुलिस थाना अंतर्गत आने वाले ग्राम पुरगांव में होने जा रहेपूरे बाल विवाह को मंडप में ही रोकने में जिला प्रशासन के दामिनी पथक वह जिला महिला बाल विकास इंडियन वेलफेयर सोसाइटी की संयुक्त कार्रवाई में सफलता प्राप्त हुई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार गोंदिया ग्रामीण पुलिस थाने को 25 दिसंबर की दोपहर 12:00 बजे गुप्त सूचना प्राप्त हुई की ग्राम पुरगांव में बाल विवाह होने जा रहा है।
इसके पश्चात जिलाधिकारी प्रजित नायर पुलिस अधीक्षक गौरख भामरे ,अपर पुलिस अधीक्षक अभय डोंगरे वह जिला महिला व बाल विकास अधिकारी श्रीमती रेशम मोरे के मार्गदर्शन में दामिनी पथक ,जिला बाल संरक्षण कक्षा चाइल्ड हेल्पलाइन इंडियन सोशल वेलफेयर सोसाइटी गोंदिया व पुलिस स्टेशन गोंदिया ग्रामीण की टीम को तैयार कर प्राप्त जानकारी के अनुसार विवाह स्थल पर पहुंची। जहाँ वर व वधू के जन्म प्रमाण पत्र ग्राम सेवक से प्राप्त कर जांच की गई जिसमें सामने आया कि वर 18 वर्ष दो माह का ही हुआ था।

उल्लेखनिय है कि विवाह दोपहर 1:00 बजे होने वाला था जिसकी संपूर्ण तैयारियां होने के साथ ही मंडप डेकोरेशन, डीजे वह नाच गाने तथा बाराती सब तैयार थे साथ ही बारातियों के लिए भोजन भी बन चुका था किंतु समय के पूर्व ही दामिनी पथक वह महिला बाल विकास विभाग की टीम द्वारा वह वधू के माता-पिता वह रिश्तेदारों को बाल विवाह प्रतिबंधक कानून 2006 की जानकारी देकर इसे अपराध बताया तथा वर वधु के बालिग होने पर ही विवाह करने हेतु शपथ पत्र माता-पिता वह रिश्तेदारों से लिखवाकर लिया , साथ ही इस अवसर पर विवाह में शामिल बारातियों की मंडली से भी बाल विवाह प्रतिबंधक की शपथ ली गई।

बाल विवाह के मामलों में बढ़ोतरी क्यों ॽ
बाल विवाह पर देश में बरसों पूर्व प्रतिबंध लग चुका है तथा बाल विवाह करना यह कानूनी अपराध है, जिसके लिए प्रशासन द्वारा जन जागृति अभियान भी चलाया जा रहा है उसके बावजूद भी बाल विवाह के मामलों में गत को समय से बढ़ोतरी देखी जा रही है.
इसका कारण क्या है वर्तमान समय में सोशल मीडिया का बढ़ता उपयोग जिसमें बालक को बालिका समय के पूर्व ही वयस्क होकर घर से भागने जैसी घटनाएं बड़े पैमाने पर घटित हो रही है।
जिससे चिंतित माता-पिता द्वारा अपने बच्चों की शादी समय के पूर्व ही कर रहे हैं इस पर भी प्रशासन को विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है जिसके लिए जन जागृति इस और भी की जानी चाहिए जिससे बाल विवाह में कमी आ सके।
क्योकि नाबालिक युवक- युवती माता-पिता की मर्जी के बिना भाग कर शादी कर रहे है जिससे समाज में बदनामी होने के डर से माता-पिता समय के पूर्व ही विवाह करने का कदम उठा रहे हैं।

15 दिन में दूसरा प्रकरण
गोंदिया जिले में 15 दिन में ही दूसरा प्रकरण सामने आया है इसके पूर्व 14 दिसंबर2025 को तिरोडा तहसील के अंतर्गत आने वाले चांदोरी खुर्द में सामने आया था जिस बाल विवाह को प्रशासन द्वारा रोका गया था तथा 15 दिन के अंदर ही यह दूसरा मामला गोंदिया ग्रामीण पुलिस थाना अंतर्गत ग्राम पुरगांव में 25 दिसंबर को सामने आया है।

उपरोक्त करवाई जिला बाल संरक्षण अधिकारी गजानन गोबडे के नेतृत्व में की गई जिसमें दामिनी पथक की प्रभारी अधिकारी सपोनी मनिषा निकम, पोलीस उपनिरीक्षक पूजा सुरळकर, मुकेश पटले संरक्षण अधिकारी, इंडियन सोशल वेल्फेअर सोसायटी के जिला समन्वयक (असेस टू जस्टीस ) ज्ञानेश्वर पटले , भागवत सूर्यवंशी, रुपेश चुंडूके, धर्मेंद्र भेलावे, आशिष पुंडे, पूजा डोंगरे, अमित बेलेकर, पुर्नाप्रकाश कुथेकर, दीपमाला भालेराव, अमोल पानतावणे, दामिनी पथक गोंदिया के प्रशांत बन्सोड, वैशाली भांदक्कर ,सुवर्णा मडावी ,प्रीती बुरेले, सोनाली टिके व गोंदिया ग्रामीण पोलीस स्टेशन के पो.हवा.भागवत दसरिया,पो. ना.राजू नागदिवे की टीम बाल विवाह को रोकने में सफलता प्राप्त की ।

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