ठेकेदारों का राज्यव्यापी धरना आंदोलन सफल गोंदिया के ठेकेदारों का 500 करोड़ से अधिक का बकाया राशि की मांग मुख्यमंत्री के नाम दिया ज्ञापन

बुलंद गोंदिया। राज्य सरकार पर ठेकेदारों का 90हजार करोड रुपए से अधिक का बकाया है जिसके चलते मंगलवार 19 अगस्त को राज्यव्यापी धरना आंदोलन किया गया। गोंदिया जिले में जिलाधिकारी कार्यालय के समक्ष धरना आंदोलन कर मुख्यमंत्री के नाम बिलों का भुगतान करने के लिए जिला अधिकारी के माध्यम ज्ञापन सोपा गया जिसमें गोंदिया जिले के ठेकेदारों का सरकार पर 500 करोड़ से अधिक रुपए का बकाया है।
आंदोलन के दौरान राज्य में सरकारी विकास कार्य कर रहे ठेकेदारों ने एक बार फिर काम बंद करने की चेतावनी दी है। ठेकेदार संगठनों का कहना है कि गोंदिया जिले में वित्तीय वर्ष 2023-24,/ 2024-25 के सरकारी कार्यों का लगभग 550 करोड़ रुपये का बकाया है और इस बकाया राशि के तत्काल भुगतान की मांग को लेकर उन्होंने 19 अगस्त को जिलाधिकारी कार्यालय के सामने धरना दिया और सरकार का ध्यान इस ओर आकर्षित किया। उन्होंने 25 अगस्त तक 50 प्रतिशत बकाया राशि का भुगतान नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है। गोंदिया जिले में 1000 से अधिक पंजीकृत ठेकेदार हैं, जिनमें 500 से अधिक सुशिक्षित इंजीनियर शामिल हैं।

जलजीवन मिशन और मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत कार्यों के लिए धनराशि न मिलने के कारण जिला परिषद अध्यक्ष लायकराम भेंडरकर, मुख्य कार्यकारी अधिकारी एम. मुरुंगनाथम और कार्यकारी अभियंता ताकासांडे को ज्ञापन भी सौंपा गया। ठेकेदार संगठनों का यह भी कहना है कि इस मुद्दे को उठाने के लिए 25 अगस्त को नागपुर संभागीय कार्यालय के सामने धरना दिया जाएगा।

गोंदिया में, ठेकेदारों ने धरना दिया और बकाया बिलों की मांग की।

जिले में महाराष्ट्र सरकार द्वारा विभिन्न विभागों के अंतर्गत क्रियान्वित सरकारी योजनाओं के अंतर्गत स्वीकृत विकास कार्य पूरे हो चुके हैं, और हमारे भुगतान पिछले 2023-2024, 2024-2025 से लंबित हैं। पूर्ण हो चुके कार्यों के बिल (अनुरोध पत्र) और अन्य दस्तावेज संबंधित विभाग को जमा कर दिए गए हैं। लंबित भुगतानों के कारण संबंधित ठेकेदारों, श्रमिकों और संबंधित संगठनों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इसके कारण नए विकास कार्य अधूरे रह रहे हैं और नए विकास कार्यों के क्रियान्वयन में बाधाएँ उत्पन्न हो रही हैं। बयान में यह भी कहा गया है कि इसके कारण ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में विकास प्रक्रिया में देरी हो रही है।


इस विरोध प्रदर्शन में अजयजीत एम. वालिया (बॉबी), विजय अग्रवाल, शैलेश जयसवाल, बंटी मिश्रा ,प्रवीण बंटी ठाकुर ,प्रणव रावत, अभिषेक जैन, , आनंद ठाकुर, विनोद नाकाड़े, अजय सेंगर, सुनील तरोने, अनिल बिसेन, राजीव शेलके, प्रतीक कदम, परमानंद टेंभुर्निकर, प्रेमचंद खोब्रागड़े, अजय टाह, सुरेश पाटले, नीरज ठाकुर, प्रदीप मेश्राम, प्रमोद बिसेन, पारस कटकवार, सुमित शेंडे, चन्नीलाल अगड़े, युगेश बिसेन, विरोध प्रदर्शन में उमेश कापसे, नीरज अग्रवाल, योगेश शुक्ला, महेश अग्रवाल, संतोष भेलावे, फतेह सिंह, राजेश चौहान, रवि भरणे, प्रतीश गौतम, अशोक लिचड़े, संजय मुरकुटे, सुधीर मानकर, दिलीप अग्रवाल, तजेंद्र छाबड़ा समेत कई ठेकेदार शामिल हुए।

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