बुलंद गोंदिया। गोंदिया नगर परिषद के अधिकांश विभाग भगवान भरोसे ही चल रहे हैं जिसमें आए दिन विभागों में ताले लटके दिखाई देते हैं मंगलवार 22 जुलाई की दोपहर जब पूर्ण रूप से कार्यालय का समय था तो नगर परिषद के रचना विभाग के कार्यालय में ताले लगे दिखाई दिए जिससे कार्य के लिए आने वाले नागरिक लोग हलकान हो रहे थे।
गौरतलब है शासन के नियम अनुसार सभी शासकीय कार्यालय कार्यालय तय समय पर शुरू होकर समय पर बंद होना अनिवार्य होता है लेकिन गोंदिया नगर परिषद में यह नियम लागू होता दिखाई नहीं दे रहा है कभी भी कोई भी विभाग के अधिकारी व कर्मचारी नदारत हो जाते हैं कभी तो बिना अधिकारी कर्मचारियों के खाली कक्षा में लाइट बिजली चलाते रहती तो कभी ताले लटके हुए दिखाई देते हैं।
इसी प्रकार का एक मामला मंगलवार 22 जुलाई को सामने आया जब कुछ नागरिक अपने कार्य के लिए गोंदिया के नगर परिषद नगर रचना विभाग में पहुंचे तो वहां के कक्ष में ताला लटका हुआ दिखाई दिया जिससे उन्हें यह समझ में नहीं आ रहा था कि वह अपना काम करवाने के लिए किस से मिले और कहां जाए तथा वह परेशान होने लगे।
नगर रचना विभाग की कार्यप्रणाली पर प्रश्न चिन्ह
नगर रचना विभाग की कार्यप्रणाली पर वैसे ही आए दिन प्रश्न चिन्ह लगाते हुए दिखाई देते हैं जहां एकमात्र बाबू अपने आप को सर्वे सर्वेा समझकर संपूर्ण नगर रचना विभाग का माई बाप समझ बैठा है जिसके बिना कोई भी फाइल बिना वजन के आगे नहीं बढ़ती।
प्रभारी अधिकारियों के भरोसे कार्य
नगर रचना विभाग गोंदिया नगर परिषद के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण विभाग है जिससे शहर की संपूर्ण नगर रचना। नक्शे टाउन प्लैनिंग जुड़ी हुई है लेकिन प्रभारी अधिकारियों के भरोसे यह विभाग भगवान भरोसे चल रहा है।
कर्मचारियों की कमी
नगर रचना एक महत्वपूर्ण विभाग होने के चलते इसके पूर्व कुछ अस्थाई कर्मचारियों की नियुक्ति का नगर रचना का कार्य सुचारू रूप से किया गया था लेकिन पूर्व मुख्य अधिकारी संदीप चिद्रवार द्वारा अपनी तानाशाही नीति के चलते उन कर्मचारियों को बंद कर दिया था जिस नगर रचना विभाग का कार्य ढप्प पड़ गया है।
सहायक नगर रचना की नियुक्ति
नगर रचनाकार प्रभारी के रूप में कार्य कर रहे हैं तथा दो सहायक भी प्रभारी के रूप में ही कार्यरत है, हाल ही में एक स्थाई सहायक नगर रचना का कर्मचारी आया है जिसके चलते कार्यालय शुरू रहेगा।
– श्रीकांत काबंले प्रभारी मुख्याधिकारी व प्रशासक नगर परिषद गोंदिया।






