बुलंद गोंदिया। राज्य सरकार द्वारा मत्स्य पालन क्षेत्र को भी कृषि क्षेत्र के समान दर्जा देने का निर्णय मंत्रिमंडल की सभा में लिया गया है.सरकार के इस निर्णय से राज्य में मछली पालन से जुड़े लाखों परिवारों को इसका लाभ मिलेगा तथा भविष्य में यह निर्णय महत्वपूर्ण साबित होगा इसके लिए विधायकपरिणय फुके के द्वारा निरंतर प्रयास किया जा रहा था जिससे उनके प्रयासों को आज सफलता प्राप्त हुई।
गौरतलब है की कृषि की तरह अब मत्स्य पालन के लिए भी नुकसान भरपाई का मार्ग खुल गया है गोंदिया ,भंडारा जिले में बड़ी संख्या में मछुआरे मछली पकड़ने का व्यवसाय करते हैं उनकी कठिनाइयों को देखते हुए विधायकपरिणय फुके ने समय-समय पर राज्य सरकार के समक्ष इन समस्याओं को रख हल करने की मांग की थी जिससे फुके के प्रयासों को सफलता प्राप्त हुई तथा आज के मंत्रिमंडल ने यह निर्णय लिया।
राज्य सरकार के इस निर्णय से अब मछुआरों को कृषि के समान बिजली बिलों में रियायत, कृषि दरों के अनुसार कर्ज, कम लागत पर बीमा, किसान क्रेडिट कार्ड सुविधा सौर ऊर्जा योजनाओं का लाभ मिलेगा। डॉ. फुके ने कहा कि मछुआरे भी अब सरकारी योजनाओं का लाभ ले सकेंगे तथा वह आर्थिक रूप से सक्षम होंगे।
इस निर्णय के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री अजित पवार, मत्स्य मंत्री नितेश राणे समेत पूरे मंत्रिमंडल को धन्यवाद दिया गया है।
सिंचाई परियोजनाओं को गति
सभा में गोसीखुर्द परियोजना से संबंधित संशोधित प्रस्ताव को भी मंजूरी प्रदान की गई 25972 करोड रुपए की संशोधित प्रशासकीय मंजूरी दी गई जिसमें भंडारा, चंद्रपुर व नागपुर जिलों में लगभग 1,97000 हेक्टर क्षेत्र सिंचाई के अंतर्गत आ जाएंगे।





