शहर से निकलने वाला कचरा बना सफाई विभाग के अधिकारीयो की अवैध कमाई का जरीया एक ही घंटा गाड़ी के अनेकों बार वजन, मुख्याधिकारी के मौखिक कार्रवाई के आदेश की अधिकारी उड़ा रहे धज्जियां

बुलंद गोंदिया। गोंदिया नगर परिषद भ्रष्टाचार के पर्याय नाम के रूप में जाने लगी है कोई भी कार्य बिना भ्रष्टाचार के पूरा नहीं होता अब शहर से निकलने वाले कचरे से भी अवैध कमाई की जा रही है जिसमें एक ही घंटा गाड़ी का धर्म कांटे मेंअनेकों बार वजन कर भारी घोटाला किया जा रहा है इस मामले में मुख्याधिकारी द्वारा दोषियों पर कार्रवाई करने के मौखिक आदेश दिए जाने के बावजूद भी संबंधित अधिकारी द्वारा कार्रवाई न कर वरिष्ठ अधिकारी के आदेश की धज्जियां उड़ाई जा रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार गोंदिया नगर परिषद से निकलने वाले कचरे के लिए टेंडर प्रक्रिया कुछ महापूर्व कर उसका कार्य आदेश भी संबंधित ठेकेदार को दिया गया था। नगर परिषद क्षेत्र अंतर्गत प्रतिदिन 60 से 65 टन कचरा निकालने का अनुमान है जिसका डीपीआर भी नगर परिषद द्वारा बनाया गया था। लेकिन स्वास्थ्य विभाग के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा आपसी साठ गाठ कर शहर से निकलने वाले कचरे का दो से तीन बार वजन कर निकलने वाले कचरे की मात्रा अधिक बताई जा रही है। जिसमें 100 से अधिक टन कचरे का बिल बनाया जाएगा जिसमें बड़े पैमाने पर अधिकारियों द्वारा संबंधित ठेकेदार से लेनदेन कर नगर परिषद के साथ-साथ शहर वासियों की टैक्स की राशि को भी चूना लगाया जाएगा तथा शहर के विकास की राशि इन भ्रष्टाचारियों की भेंट चढ़ेगी जिन अधिकारियों पर शहर को स्वच्छ सुंदर रखने की जिम्मेदारी है वे ही नगर परिषद को भ्रष्टाचार की गंदगी से लबालब कर रहे हैं।

उल्लेखनीय की गोंदिया शहर का निकलने वाला प्रतिदिन का कचरा घंटा गाड़ियों में संकलन कर गोंदिया कृषि उत्पन्न बाजार समिति में स्थित धर्मकांटे में उसका वजन कर हिरडामाली के डंपिंग यार्ड में भेजा जाता है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार मंगलवार 11 मार्च को गोंदिया नगर परिषद के मुख्याअधिकारी को गुप्त जानकारी प्राप्त हुई कि एक ही घंटा गाड़ी का अनेकों बार वजन कर कचरे की मात्रा को बढ़ाई जा रही है।
जिस पर मुख्याधिकारी धर्म कांटे पर पहुंचकर मामले की जांच कर स्वच्छता विभाग के राजपत्रित अधिकारी उप अभियंता नितिन गौरखेड़े को घटनास्थल पर बुलाकर इस मामले में दोषी शहर स्वच्छता समन्वयक मानकर जो की ठेकेदारी पद्धति पर गत अनेक वर्षों से कार्यरत है उसे पर कड़ी कार्रवाई करने का आदेश दिया।

इस मामले को करीब 8 दिन हो जाने के बावजूद भी संबंधित अधिकारी द्वारा किसी भी प्रकार की कार्रवाई न कर वरिष्ठ अधिकारियों को गुमराह कर दोषी कर्मचारियों को बचाने का कार्य किया जा रहा है।
मुख्याधिकारी के मौखिक आदेश का पालन नहीं शहर से निकलने वाले घंटा गाड़ियों के वजन की जिम्मेदारी शहर सामान्य मानकर नामक कर्मचारी की है जो ठेकेदारी पद्धति पर कार्यरत है उसे पर कार्रवाई करने के मुख्याधिकारी द्वारा मौखिक रूप से आदेश दिए गए थे लेकिन मुख्या धिकारी के आदेश के बावजूद भी स्वच्छता विभाग के अभियंता नितिन गौर खेड़े द्वारा अब तक कार्रवाई नहीं की गई जिससे यह साबित होता है कि संबंधित अधिकारी का भी हित इससे लगा हुआ है तथा मुख्याधिकारी के आदेश का पालन न करना नगर परिषद की दयनीय स्थिति को उजागर करता हैतथा मानकर नामक कर्मचारी को बचाने का पूरा प्रयास कर रहे हैं।
अधिकारी भी बने ठेकेदार
गोंदिया नगर परिषद में इसके पूर्व जनप्रतिनिधियों तथा राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं पर ही ठेकेदारी करने के आरोप लगाते आए हैं लेकिन अब संबंधित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी आपसी साठ गाठ कर अपने मित्रों व परिचितों के नाम पर ठेकेदारी कर रहे हैं जिससे भ्रष्टाचार की जड़ नगर परिषद में काफी विस्तृत रूप से फैल चुकी है।

धर्मकांटे पर तैनाती
धर्म कांटे में आकस्मिक पहुंचकर मुख्य अधिकारी द्वारा जांच किए जाने पर संबंधित दोषी अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई थी तथा इसके पश्चात धर्म कांटा हिड़माली डंपिंग यार्ड में नगर परिषद के अधिकारियों की नियुक्ति की है।
अब तक कितना घोटाला शहर में चर्चा का बाजार गर्म
गोंदिया नगर परिषद के कचरा वजन में अब तक कितना घोटाला किया गया है क्या वरिष्ठ अधिकारियों व जिला अधिकारियों महोदय द्वारा इस मामले में एक जांच समिति बैठल कर निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी इस संदर्भ में शहर के नागरिकों में चर्चा चल रही थी चल रही है

धर्मकांटे पर नियुक्ति किन्तु कार्रवाई का कोई निर्देश नहीं
मुख्याधिकारी द्वारा धर्मकांटे पर उपस्थित रहकर कांटे की जांच व वजन पर के नजर रखने का निर्देश दिया है तथा किसी भी प्रकार की कार्रवाई का मौखिक आदेश नहीं दिया।
– नितिन गौरखेड़े अभियंता पानी व स्वच्छता नगर परिषद गोंदिया।

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