बुलंद गोंदिया। गोंदिया नगर परिषद के मुख्याधिकारी संदीप चिद्रावार निजी संपत्ति पर अतिक्रमण की शिकायत मिलने पर गुरुवार 6 मार्च की दोपहर 4:00 बजे के दौरान भारी लाव लस्कर के साथ अतिक्रमण तोड़ने तो पहुंचे लेकिन उन्हें कार्रवाई किये बिना अपने दल के साथ बैरंग वापस लौटना पड़ा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार गोंदिया शहर के प्रभाग 10 के अंतर्गत आने वाले रिंग रोड स्थित सहयोग हॉस्पिटल ग्रुप द्वारा भूमि पर अवैध रूप से अतिक्रमण कर दीवाल निर्माण करने की शिकायत नगर परिषद प्रशासन से गजानन डोये नामक व्यक्ति द्वारा की गई थी।
जिस पर नगर परिषद प्रशासन द्वारा सहयोग ग्रुप को उपरोक्त भूमि पर निर्माण रोकने के लिए नोटिस जारी किया गया था इसके पश्चात सहयोग हॉस्पिटल ग्रुप द्वारा निर्माण कार्य रोका गया था लेकिन 6 मार्च की दोपहर मुख्याधिकारी अपने भारी लाव लस्कर वह जेसीबी मशीन के साथ अतिक्रमण तोड़ने पहुंचे।
उल्लेखनीय है कि मुख्याधिकारी संदीप चिद्रावार पहली बार कार्यालय से बाहर निकलकर अतिक्रमण पर कार्रवाई करने के लिए आनन -फानन में अपने भारी लालस्कर के साथ तो पहुंचे लेकिन अचानक ऐसा क्या हुआ कि वह काम रोकने की चेतावनी देकर बिना अतिक्रमण पर कार्रवाई किया वापस अपने लाव लश्कर के साथ बैरंग लौट गए।

बिना किसी पूर्व तैयारी के करवाई
सहयोग ग्रुप द्वारा अस्पताल के समीप ख़रीदे एक प्लाट पर दीवाल का निर्माण किया जा रहा था। लेकिन वह दीवाल का निर्माण अतिक्रमण करकिया जा रहा हे ऐसी शिकायत डोये नामक व्यक्ति द्वारा करने की किए जाने पर नगर परिषद प्रशासन द्वारा कार्य रोकने का नोटिस दिया गया था।
लेकिन इस मामले में किसी भी प्रकार की पूर्व तैयारी या मामले की संपूर्ण जांच किए बिना आनन – फांनन में मुख्याधिकारी अपने ताफे के साथ अतिक्रमण पर कार्रवाई करने पहुंचे लेकिन जब विरोधी पक्ष द्वारा इस कार्रवाई को एक तरफ बताते हुए अपनी मांग रखी तथा वह अतिक्रमण के संदर्भ में डी.एल.आर करवाने (जमीन का मौज माप) व जिस व्यक्ति ने शिकायत किया उसे तत्काल बुलाने की बात कहे जाने पर शिकायतकर्ता घटनास्थल पर नहीं पहुंचा जिससे विवाद की स्थिति निर्माण हो गई।
विवाद बढ़ने व मामले का हल न निकलने पर मुख्याधिकारी ने चेतावनी देकर व जल्द से जल्द जमीन का मौज माप करवाने का आदेश देने के पश्चात बिना किसी कार्रवाई के अपने दल के साथ बैरंग लौट पड़े।
कौनसी अदृश्य शक्ति के इशारे पर कार्रवाई कौनसी अदृश्य शक्ति के इशारे पर नहीं की करवाई
इस कार्रवाई के दौरान एक बात स्पष्ट रूप से सामने आई कि यह कार्रवाई एक राजनीतिक दबाव के तहत आनन् फांनन में बिना किसी पूर्व तैयारी के की गई थी। जब मुख्याधिकारी कार्रवाई करने पहुंचे तो एक वरिष्ठ राजनेता के कार्यकर्ता द्वारा घटनास्थल पर पहुंचकर इशारे में कार्रवाई नहीं करने का निर्देश दिया जिसके चलते यह कार्रवाई रोकी गई तथा मुख्य अधिकारी को वापस लौटना पड़ा। जिससे नागरिकों में चर्चा चल रही थी कि किस अदृश्य शक्ति के इशारे पर कार्रवाई के लिए पहुंचे तथा अचानक कौन थी भारी अदृश्य शक्ति के इशारे पर यह कार्रवाई नहीं की गई।
न.प शासकीय जमीन पर भारी अतिक्रमण प्रशासन मौन
गोंदिया नगर परिषद के क्षेत्र अंतर्गत नगर परिषद की शासकीय जमीन पर बड़े पैमाने पर अतिक्रमण किया गया है लेकिन नगर परिषद प्रशासन इस और अनदेखी कर मौन बना हुआ है। नगर परिषद की निजी संपत्ति दुकानों को तोड़कर नगर परिषद के राजस्व को नुकसान पहुंचा कर पक्की दुकानें बनाई जा रही है लेकिन भारी लेनदेन के चलते इस और नगर परिषद प्रसासन धृष्टराज बना हुआ है।
धूल खा रही सैकड़ो अतिक्रमण शिकायतो की फाइल
गोंदिया नगर परिषद क्षेत्र अंतर्गत अनेक नागरिकों द्वारा शासकीय जमीन पर अतिक्रमण की शिकायतें नगर परिषद प्रशासन से की गई है लेकिन वह सभी फाइलें नगर परिषद कार्यालय में धूल खा रही है। किन्तु इस प्रकार के हाई प्रोफाइल मामले में मुख्याधिकारी स्वयं अतिक्रमण तोड़ने पहुंच गए।
जबकि आज तक इस मामले में कोई भी मुख्याधिकारी अतिक्रमण की कार्रवाई में नहीं पहुंचा है जिससे इस कार्रवाई पर प्रश्न चिन्ह लगता दिखाई दे रहा है।

मौज माप का दिया निर्देश
अतिक्रमण के संदर्भ में शिकायत प्राप्त हुई थी इस मामले में जमीन के मौज- माप (डी.एल.आर) का निर्देश दिया गया है।
जिसकी रिपोर्ट आने पर जितना अतिक्रमण किया गया है उसे पर नगर परिषद प्रशासन द्वारा कार्रवाई की जाएंगेगी।
– संदीप चिद्रावार प्रशासक व मुख्याधिकारी नगर परिषद गोंदिया।





