बुलंद गोंदिया। गोंदिया के उपसंरक्षक प्रमोद पंचभाई ने तिरोडा के वन परिक्षेत्र अधिकारी वह दो वनरक्षकों को वन्य जीव के हमले में बोगस मामला बनाने वह नर्सरी में भारी गड़बड़ी के भ्रष्टाचार के प्रकरण में 21 फरवरी को आदेश पत्र जारी कर तत्काल प्रभाव से निलंबित किया।
गौरतलब है की गोंदिया वन विभाग के अंतर्गत भारी भ्रष्टाचार की शिकायत आने के पश्चात प्राथमिक जांच में खुलासा हुआ कि तिरोडा वन परीक्षेत्र के अधिकारी आर जी मून , शैलेंद्र पारधी वन क्षेत्र सहायक तिरोडा व अब्दुल शकील दुर्रानी वन क्षेत्र सहायक वडेगांव द्वारा अपने कार्यक्षेत्र में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किया है। तीनों वन अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिक जांच में भ्रष्टाचार का मामला सामने आने पर वन संरक्षक प्रादेशिक नागपुर के आदेश अनुसार गोंदिया के उपवन संरक्षक प्रमोद पंचभाई द्वारा तीनों वन अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर अन्य अधिकारियों को उनका चार्ज लेने का आदेश 21 फरवरी को जारी किया।
जिसमें तिरोडा के वनपरिक्षेत्र अधिकारी आर जी मुन व शैलेंद्र गुलाबराव पारधी क्षेत्र सहायक तिरोडा द्वारा सोनेगांव निवासी गोविंद गोपी भगत जिसकी मौत पेड़ से गिरकर हुई थी लेकिन दोनों अधिकारियों द्वारा बोगस दस्तावेज तैयार कर उसकी वन्य जीव जंगली सूअर के हमले में मौत दिखाकर 20 लख रुपए से अधिक का मुआवजा सरकार से अवैध रूप से पीड़ित परिवार को दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी की थी।
साथ ही तिरोड़ा वन क्षेत्र के अंतर्गत मानसून 2024 के दौरान अब्दुल शकील अब्दुल दुर्रानी क्षेत्र सहायक वड़ेगांव ने वन विभाग की विभिन्न नर्सरींयों में पौधों की नर्सरी तैयार करने के नाम पर भारी गड़बड़ी की थी।
जिसमें खैरलांजी पौधा समूह क्र. 559/2,560/2 व 565/1 झाड़ी वन क्षेत्र 13.00 हेक्टेयर, खैरलांजी-2 पौधा वन स्थल समूह क्र. 630 व 637 झाड़ी वन क्षेत्र 7.00 हेक्टर, माल्ही पौधारोपण क्षेत्र कक्ष 884, झाड़ी वन समूह क्र. 270 व 271 क्षेत्रफल 10.00 हेक्टेयर, परसवाड़ा भाग 1 पौधारोपण कक्ष क्र. 899 झाड़ी वन समूह क्र. 759, 792, 793, व 789 क्षेत्रफल 14.00 हेक्टेयर, ईसापुर कक्ष क्र. 899 झाड़ी वन समूह क्र. 871 आरक्षित वन समूह क्र. 9 व 68, 89 क्षेत्र 10.00 हेक्टेयर में 2024 के प्रथम मानसून सत्र में किए गए पौधरोपण कार्य में अनियमितताएं पाई गई।
वन विभाग का यह घोटाला सामने आने पर निलंबन कार्रवाई की होने पर वन विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
सुरेश जाधव से वसूली कब
भ्रष्टाचार की शिकायत की जांच में दोषी पाए गए वन अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित तो किया गया है ठीक इसी प्रकार का एक मामला गोरेगांव वन परी क्षेत्र के तत्कालीन वनपरी क्षेत्र अधिकारी सुरेश जाधव द्वारा वन तलाव के मामले में भारी घोटाला किया गया था।
जिसकी जांच विभागीय आयुक्त कार्यालय द्वारा किए जाने पर वन परिक्षेत्र अधिकारी सुरेश जाधव दोषी पाया गया था जिसमें जाधव सहित दो अन्य आरोपियों से 12 लाख 56हजार की वसूली का आदेश तत्कालीन जिलाधिकारी कादंबरी बलकवड़े द्वारा जारी कर वसूली करने का निर्देश दिया था लेकिन अब भी उसे मामले में वन विभाग द्वारा जाधव से वसूली नहीं की गई है।
उल्लेखनीय की उसके पश्चात फिर से गोंदिया वन परी क्षेत्र के अंतर्गत अवैध रूप से सागवान की कटाई के मामले में सुरेशजाधव को भी निलंबित किया गया था।





