पत्र परिषद में किसानों ने दी जानकारी
बुलंद गोंदिया। आमगांव तहसील अंतर्गत ग्राम कवड़ी की गट क्रमांक212 /1 की 17 एकड़ जमीन विधायक सहषराम कोरोटे तथा उनके बेटे दीपक कोरोटे ने खरीदी कर रजिस्ट्री की है। लेकिन इस जमीन पर हमारा गत 40 वर्षों से कब्जा है। जमीन की खरीदी की गई। लेकिन हमें किसी भी प्रकार की जानकारी राजस्व विभाग के अधिकारी तथा विधायक द्वारा नहीं दी गई। हमें भूमिहीन किया गया है। लेकिन इस जमीन से हम कब्जा नहीं छोड़ेगे। इस तरह की जानकारी पीडि़त किसानों द्वारा 9 जून को शासकीय विश्रामगृह में आयोजित पत्रकार परिषद में दी गई। इस दौरान कवड़ी निवासी चुन्नीलाल चौधरी, पोगलाल ठाकरे, कुंवरलाल पटले, रविलाल ठाकरे, सूरजलाल पटले, मेहतर टेंभुर्णीकर, अशोक डोंगरे, योगेश चौधरी, गुणीलाल चौधरी आदि उपस्थित थे।
उन्होंने पत्र परिषद में जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष1976 -77 में जमीन मालिक सालेकसा तहसील अंतर्गत पिपरीया निवासी जसोदाबाई उईके से 32 एकड़ जमीन 30 से 35 किसानों द्वारा खरीदी की गई थी। तब से इसी जमीन पर खेती कर परिवार का उदरनिर्वाह किया जा रहा है। सातबारा पर हमारा नाम का उल्लेख किया गया है। लेकिन यह जमीन हमें न बताते हुए जमीन मालिक जसोदाबाई उईके के वारिसदारों ने क्षेत्र के विधायक सहषराम कोरोटे व दीपक कोरोटे को बेचकर रजिस्ट्री भी कर दी। इसकी जानकारी हमें अभी पता चली। उनका कहना है कि सातबारा पर हमारा कब्जा कर नाम का उल्लेख होने के बावजूद भी हमें एक पत्र तक भी नहीं दिया गया। जब तक हमें जमीन का मुआवजा नहीं दिया जाता, तब तक जमीन पर से कब्जा नहीं छोडेंगे। इस तरह की भूमिका उपरोक्त पीडि़त किसानों ने अपनाई है।
नियमों के तहत खरीदी जमीन
उपरोक्त जमीन की खरीदी नियमानुसार ही खरीदी गई है। इसके लिए विज्ञापन भी प्रकाशित किए गए थे। मैं इन्हें नहीं जानता। उपरोक्त जो आरोप मुझ पर लगाए गए हैं, वह बेबुनियाद है।
– सहषराम कोरोटे, विधायक, आमगांव-देवरी





