बुलंद गोंदिया। शासन द्वारा शासकीय आधारभूत केंद्रों के माध्यम से खरीदे गए धान का कस्टम मिलिंग के माध्यम से चावल का निर्माण किया जाता है। लेकिन कस्टम मिलिंग के लिए शासन की नीति के खिलाफ गत 1 सप्ताह से कस्टम मिलिंग बंद है तथा राइस मिलर हड़ताल पर चले गए हैं। इस दौरान राइस मिलर कस्टम मिलिंग के लिए करारनामा भी नहीं कर रहे हैं। जिसके चलते धान खरीदी केंद्रों के गोदाम हाउसफुल हो जाने से खरीदी बंद हो गई है। जिससे किसानों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मिल संचालकों ने बताया कि इस वर्ष धान काफी हल्का किस्म का होने से शासन के नियमानुसार 67% चावल नहीं बन पा रहा है मात्र 42% ही चावल बन रहा है। जिसके लिए फिर से टेस्ट मिलिंग की मांग शासन से की है। साथ ही मध्यप्रदेश शासन द्वारा मिलिंग के लिए 60 रु प्रति कुंटल की दर दी जा रही है,वही दर महाराष्ट्र में भी देने की मांग की है, राइसमिलरो की 1 सप्ताह से चल रही हड़ताल के कारण हजारों मजदूर बेरोजगार हो गए हैं। जिससे उनके समक्ष आर्थिक संकट निर्माण हो गया है। इस और भी शासन द्वारा जल्द से जल्द ध्यान देने की मांग गोंदिया जिला राइस मिलर्स एसोसिएशन द्वारा की गई है।
कस्टम मिलिंग का विरोध 1 सप्ताह से राइस मिलर्स की हड़ताल, मिलिंग बंद होने से धान के गोदाम फुल, खरीदी बंद






