65 प्रतिष्ठानों की जांच, 4,685 किलो से अधिक खाद्य सामग्री जब्त; नियमों का उल्लंघन करने वालों पर शिकंजा
बुलंद गोंदिया । दिवाली एवं त्योहारी सीजन में नागरिकों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य एवं औषधि प्रशासन, गोंदिया द्वारा जिले में विशेष जांच अभियान चलाया गया। इस अभियान के दौरान 65 खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच की गई। इसमें करीब 10 लाख 90 हजार रुपये मूल्य का 4,685 किलो से अधिक अप्रमाणित एवं असुरक्षित खाद्य पदार्थों का स्टॉक जब्त किया गया। वहीं, नियमों का उल्लंघन करने वाले 9 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं।
खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत चलाए गए इस अभियान में 36 प्रतिष्ठानों को सुधार नोटिस जारी किए गए, जबकि 6 मामलों में समझौता कार्रवाई करते हुए 73 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया। जांच के दौरान खाद्य पदार्थों के 55 नमूने विश्लेषण के लिए लिए गए हैं। इनमें से कुछ नमूनों की रिपोर्ट अभी लंबित है। रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
घर में खाद्य पदार्थ बनाने और बेचने वालों के लिए भी FSSAI पंजीयन अनिवार्य
दिवाली के अवसर पर महिला बचत समूहों, गृह उद्योगों तथा व्यक्तिगत विक्रेताओं द्वारा चकली, चिवड़ा, लड्डू, शंकरपाले, करंजी सहित विभिन्न खाद्य पदार्थों की बिक्री की जाती है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि घरेलू स्तर पर खाद्य पदार्थ तैयार कर दुकानों, ऑर्डर, सोशल मीडिया अथवा ऑनलाइन माध्यम से बिक्री करने वालों पर भी खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम लागू होता है।
ऐसे प्रत्येक विक्रेता के लिए भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) का पंजीयन अथवा आवश्यक लाइसेंस लेना अनिवार्य है। 1 अप्रैल 2026 से छोटे खाद्य कारोबारियों के लिए पंजीयन की वार्षिक टर्नओवर सीमा 1.5 करोड़ रुपये तक निर्धारित की गई है। इससे अधिक कारोबार होने पर निर्धारित सीमा के अनुसार राज्य अथवा केंद्रीय लाइसेंस लेना आवश्यक होगा।
FSSAI के आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से पंजीयन एवं लाइसेंस के लिए आवेदन किया जा सकता है।
खाद्य पदार्थ के पैकेट पर जरूरी जानकारी अंकित करना अनिवार्य
पैकबंद खाद्य पदार्थों पर उत्पाद का नाम, निर्माता का नाम एवं पता, FSSAI पंजीयन अथवा लाइसेंस नंबर, उत्पादन तिथि, उपयोग की अंतिम तिथि, सामग्री की सूची तथा निवल वजन अंकित करना आवश्यक है। ऑनलाइन बिक्री के विज्ञापनों में भी लाइसेंस नंबर प्रदर्शित करने का निर्देश दिया गया है।
खाद्य कारोबारियों को स्वच्छता एवं गुणवत्ता नियमों का पालन करने की हिदायत
चकली, चिवड़ा, नमकीन, मिठाई निर्माता तथा खाद्य तेल की री-पैकिंग करने वाले कारोबारियों को निर्देशित किया गया है कि वे कच्चा माल केवल लाइसेंसधारी विक्रेताओं से ही खरीदें। तलने के तेल का बार-बार उपयोग करने से बचें तथा कच्चे एवं तैयार खाद्य पदार्थों को स्वच्छ, हवादार और कीटमुक्त स्थानों पर संग्रहित करें।
खाद्य पदार्थों को संभालने वाले कर्मचारियों के लिए स्वच्छ कपड़े, एप्रन, हेयरनेट, मास्क एवं दस्ताने पहनना आवश्यक है। उत्पादन परिसर, बर्तन एवं मशीनरी की नियमित सफाई की जाए। पैकबंद खाद्य पदार्थों पर आवश्यक लेबलिंग की जाए तथा प्रतिबंधित रंगों का उपयोग न किया जाए।
वैध FSSAI लाइसेंस अथवा पंजीयन प्रमाणपत्र ग्राहकों को आसानी से दिखाई देने वाले स्थान पर प्रदर्शित करना होगा। इसके अलावा कच्चे माल की खरीद रसीदें, पानी की जांच रिपोर्ट तथा कीट नियंत्रण से संबंधित अभिलेख भी अद्यतन रखने के निर्देश दिए गए हैं।
नियमों का उल्लंघन करने पर होगी कठोर कार्रवाई
बिना लाइसेंस कारोबार करना, सुधार नोटिस के बाद भी कमियां दूर नहीं करना तथा घटिया या असुरक्षित खाद्य पदार्थों की बिक्री करना गंभीर उल्लंघन माना जाएगा। ऐसे मामलों में लाइसेंस निलंबित अथवा रद्द करने, खाद्य सामग्री जब्त कर नियमानुसार नष्ट करने, जुर्माना लगाने तथा न्यायालय में मामला दर्ज करने की कार्रवाई की जाएगी।
बार-बार नियमों का उल्लंघन करने वाले कारोबारियों के खिलाफ अधिक कठोर कार्रवाई की चेतावनी भी प्रशासन ने दी है।
नागरिक भी खाद्य पदार्थ खरीदते समय रहें सतर्क
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि दिवाली का खाद्य पदार्थ खरीदते समय पैकेट पर अंकित FSSAI नंबर, उत्पादन तिथि तथा उपयोग की अंतिम तिथि की जांच अवश्य करें।
नागरिकों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले खाद्य कारोबारियों को बख्शा नहीं जाएगा। जिले में नियमित एवं आकस्मिक जांच अभियान आगे भी जारी रहेगा। यह जानकारी सहायक आयुक्त (खाद्य), खाद्य एवं औषधि प्रशासन, गोंदिया द्वारा दी गई है।






