बुलंद गोंदिया। गोंदिया नगर परिषद क्षेत्र अंतर्गत आने वाली संपत्तियों का 20 वर्षों के बाद महा- असेसमेंट सर्वेक्षण का शुभारंभ किया गया है जिसमें हजारों अवैध और नई प्रॉपर्टी पहली बार टैक्स के दायरे में आएंगी जिससे नगर परिषद को प्रतिवर्ष करोड़ों रुपए का राजस्व कर के रूप में प्राप्त होगा।
गौरतलब है की गोंदिया नगर परिषद द्वारा एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए 20 वर्षों के पश्चात शहर की संपत्तियों का कर असेसमेंट सर्वेक्षण का कार्य शुरू किया गया है। इसके पूर्व वर्ष 2003-04 में नगर परिषद का संपत्ति कर असेसमेंट किया गया था उसके पश्चात करीब 22 से 23 वर्षों से संपत्तियों का असेसमेंट नहीं हुआ था जबकि शासन के नियम अनुसार प्रति 5 वर्ष में नए सिरे से असेसमेंट किया जाना चाहिए।

गोंदिया शहर के विकासात्मक कार्यों को गति देने के लिए नगराध्यक्ष सचिन शेडे से नेतृत्व में गत आम सभा द्वारा शहर में नए असेसमेंट के कार्य के लिए मंजूरी प्रदान की थी। इसके पश्चात शहर की पुरानी और नई प्रॉपर्टीजयों का सर्वेक्षण करने के लिए टेंडर निकाल कर एक एजेंसी को कार्य दिया गया।
इसके पश्चात असेसमेंट का कार्य का शुभारंभ लोहिया वार्ड गायत्री मंदिर परिसर से नगराध्यक्ष सचिन शेंडे ,मुख्यधिकारी संदीप बोरकर, प्रभाग के पार्षद सीमा धर्मेश अग्रवाल व शिशिर बिसेन की प्रमुख उपस्थिति व नगर परिषद टैक्स विभाग के अधिकारियों को कर्मचारियों की मौजूदगी में गायत्री मंदिर को संपत्ति क्रमांक एक देकर शुरू किया गया है।
20 वर्षों में करोड़ों रुपए का कर का नुकसान
गोंदिया नगर परिषद क्षेत्र अंतर्गत 20 वर्ष से संपत्ति कर का असेसमेंट नहीं होने से हजारों प्रॉपर्टी टैक्स के दायरे में नहीं आई थी तथा पुरानी प्रॉपर्टीयों का नए सिरे से निर्माण ,विस्तार होने से भी उनका कर नहीं बढ़ पाया था जबकि शासन के नियम अनुसार प्रति 5 वर्ष में असेसमेंट होना चाहिए तथा प्रत्येक 5 वर्ष में कर दुगना होता है जिसके चलते गत 20 वर्षों से नगर परिषद का राजस्व का करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ है लेकिन अब नए सर्वे से हजारों प्रॉपर्टीया कर के दायरे में आने से आगामी वर्षों में नगर परिषद को करोड़ों रुपए के राजस्व की आमदनी होगी।
नागरिकों को क्या करना है
सर्वे के दौरान घर ,मकान दुकान का क्षेत्रफल उपयोग रिहाईसी, व्यावसायिक या मिश्रित बांधकाम की स्थिति कच्चा व पक्का आरसीसी आदि की जानकारी देना होगा जिसके लिए सर्वे टीम घर-घर पहुंचकर फॉर्म भरवाएंगे जिसके अनुसार ही भविष्य में कर निर्धारण होगा।
शहर की जनसंख्या व संपत्तियां बड़ी
20 वर्षों से अधिक समय में गोंदिया शहर की आबादी 1 लाख से बढ़ाकर डेढ़ लाख से अधिक हो गई हैसाथ ही सम्पत्तियो का भी विस्तार हुआ है जिसमें 25 से अधिक कालोनियां 300 से ज्यादा कॉम्प्लेक्स तथा हजारों दुकानें नवनिर्मित हुई है जिन पर अब तक नियमानुसार कर निर्धारण नहीं हुआ है इस महा सर्वे में वे सभी टैक्स के दायरे में आएंगी वह नगर परिषद को बढ़ा हुआ टैक्स प्राप्त होगा जिस शहर के विकास को गति मिलेंगी।
सर्वेक्षण दल का नागरिक करे सहयोग
गोंदिया नगर परिषद क्षेत्र अंतर्गत संपत्ति कर का महा असेसमेंट शुरू किया गया है जिसके लिए सर्वे दल के कर्मचारी सभी नागरिकों के घर तक पहुंचेंगे जिसमें नागरिक उन्हें सहयोग कर अपनी संपत्ति का संपूर्ण विवरण दें वह नगर परिषद प्रशासन को सहयोग करें
-सचिन शेंडे नगराध्यक्ष नगर परिषद गोंदिया।






