बुलंद गोंदिया। गोंदिया कीड़ा संकुल के लिए ली गई जमीन अधिग्रहण के बड़े हुए मुआवजे को लेकर न्यायालय आदेश पर 3 सितंबर 2026 को गोंदिया के उप विभागीय अधिकारी की कुर्सी वह अन्य साहित्य जप्त की गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार गोंदिया के मरारटोली स्थित जिला कीड़ा संकुल के निर्माण के लिए गोंदिया निवासी राजू नागवंशी की लगभग 11 आर जमीन अधिग्रहित की गई थी जिसका मुआवजा भी उस समय मिल गया था, किंतु मुआवजे से समाधान न होने पर मामला न्यायालय में दाखिल किया गया था जहां न्यायालय द्वारा राज्य सरकार को बढ़ा हुआ मुआवजा देने का आदेश दिया गया था।
लेकिन अब तक बढ़ा हुआ मुआवजा फरियादी को नहीं मिलने पर सिविल न्यायालय के आदेश पर 3 सितंबर 2026 को गोंदिया के उपविभागीय अधिकारी की कुर्सी वह कार्यालय का अन्य साहित्य जप्त करने के साथ भी उनके वाहन को जप्त करने का आदेश दिया गया था लेकिन कार्रवाई के दौरान गोंदिया के उप विभागीय अधिकारी चंद्रकांत खंडाईत अपने वाहन से जिलाधि कारी कार्यालय में जाने के कारण उनका वाहन जप्त नहीं हो पाया लेकिन इस संदर्भ में फरियादी शिकायत के वकील द्वारा जानकारी दी गई थी वहां सामने मिलने पर उसे भी जब तक करने की कार्रवाई न्यायालय आदेश से की जाएंगी।
विशेष यह की बड़े हुए मुआवजा को लेकर शिकायतकर्ता द्वारा शासन से अनेकों बार पत्र व्यवहार कर मांग की गई थी लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर न्यायालय में मामला पेश किया था जिस पर न्यायालय द्वारा मुआवजे की बड़ी भी राशि देने का आदेश दिया था लेकिन आदेश का पालन नहीं होने पर आज जप्ती की कार्रवाई की गई उपरोक्त कार्रवाई न्यायालय के बेलिफ वह फरियादी के वकील की उपस्थिति में की गई।
इसके पूर्व नप मुख्याधिकारी की कुर्सी भी जप्त की गई
गोंदिया के जिला कीड़ा संकुल के लिए भूमि अधिग्रहण का मामला आए दिन सुर्खियों में बना रहता है वर्ष 2009 में क्रीड़ा संकुल के लिए भूमि अधिग्रहित की गई थी जिस के लिए तत्कालीन दर के अनुसार मुआवजे का भुगतान किया गया था लेकिन अनेक फरियादियों द्वारा बड़े हुए मुआवजे की मांग को लेकर न्यायालय में मामला दायर किया गया था जिसमें अन्य एक प्रकरण में न्यायालय के आदेश पर गोंदिया नगर परिषद मुख्याधिकारी की कुर्सी भी जप्त की गई थी ।
खेल विभाग विभाग कब करेंगे इस समस्या का हल
गोंदिया जिला कीड़ा संकुल या खेल विभाग के अंतर्गत आता है जिसके लिए भूमि अधिग्रहित की गई थी इस अधिग्रहित भूमि के लिए खेल विभाग द्वारा मुआवजा दिया जाना चाहिए था लेकिन इस प्रकरण में आए दिन नगर परिषद व उप विभागिय अधिकारी को पार्टी बनाकर मामला सामने आता है जिसे न्यायालय के आदेश पर जप्ती की कार्रवाई की जाती है इस संदर्भ में जिला खेल विभाग द्वारा उपरोक्त जमीन का बड़ा हुआ मुआवजा देकर इस समस्या का हल किया जाना चाहिए।
इस प्रकार के प्रकरणों में खेल विभाग की लापरवाही बड़े पैमाने पर सामने आ रही है।
जमीन जिला कीड़ा संकुल निर्माण के लिए खेल विभाग हेतु ली गई थी किंतु स्थानीय प्रशासन द्वारा अधिग्रहण की कार्रवाई की जाती है लेकिन मुआवजे की राशि संबंधित विभाग द्वारा ही दी जाती है लेकिन इस प्रकरण में देखने आया कि जिस विभाग को मुआओगे की राशि देना है वह किसी भी प्रकार की कार्रवाई व मुआवजा देने के लिए सामने नहीं आ रहा है जिससे नगर परिषद व उपविभागीय अधिकारी कार्यालय पर कार्रवाई हो रही है।






