बुलंद गोंदिया। गोंदिया कृषि उत्पन्न बाजार समिति के सभापति भाऊराव ऊके वह कनिष्ठ लिपिक हेमंत उर्फ़ सोनू चुन्नीलाल पटले को भंडारा एंटी करप्शन ब्यूरो द्वारा नगपुरामुर्री में डेढ़ लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों गिरफ्तार किया।यह रिश्वत कर्मचारी परमानेंट करने के मामले में ली गई।
बुलंद गोंदिया की 7 सितंबर को प्रकाशित खबर में कर्मचारियों की भर्ती व परमानेंट करने में रिश्वत के मामले का उल्लेख किया गया था।
एंटी करप्शनब्यूरो भंडारा से प्राप्त जानकारी के अनुसार कृषि उत्पन्न बाजार समिति गोंदिया के सभापति भाऊराव रामाजी ऊके उम्र 67 वर्ष वह कनिष्ठ लिपिक हेमेंद्र उर्फ सोनू चुन्नीलाल पटले उम्र 37 वर्ष द्वारा शिकायतकर्ता 36 वर्षीय नगपुरा मुर्री निवासी जो की कृषि उत्पन्न बाजार समिति में ठेकेदारी पद्धति पर कार्य करता था जिसे गोंदिया कृषि उत्पन्न बाजार समिति में स्थाई कर्मचारियों के रूप में नियुक्ति देने व उसका आर्डर निकालने के लिए आरोपी भाऊराव ऊके व सोनू पटले द्वारा ढाई लाख रुपए की रिश्वत की मांग की थी।
शिकायतकर्ता द्वारा इस संदर्भ में 19 सितंबर 2025 को भंडारा एंटी करप्शन ब्यूरो में शिकायत दर्ज करवाई थी।
जांच में यह सिद्ध हुआ कि आरोपियों द्वारा रिश्वत की मांग की तथा उसके बदले शिकायतकर्ता को परमानेंट ऑर्डर देने का वादा किया था।
इसी के चलते परमानेंट आर्डर निकालने के लिए डेढ़ लाख रुपए की रिश्वत पचों के समक्ष नगपुरा मुर्री में सोमवार 29 सितंबर स्वीकार करते हुए हेमेंद्र पटले को गिरफ्तार किया तथा आरोपियों के खिलाफ शहर पुलिस थाने में भ्रष्टाचार प्रतिबंधक अधिनियम की धारा 7 के तहत मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू थी।
आरोपियों के घर की तलाशी शुरू
रिश्वत लेने के पश्चात आरोपियों को गिरफ्तार कर शहर पुलिस थाने में मामला दर्ज करने की प्रक्रिया के साथ ही दोनों आरोपियों के घर की तलाशी लेने की कार्रवाई एंटी करप्शन ब्यूरो द्वारा शुरू की गई तथा दोनों के मोबाइल जप्त कर आगे की जांच के लिए पुलिस निरीक्षक द्वारा रखे गए हैं।
बुलंद गोंदिया ने कर्मचारी भर्ती रिश्वत का मामला 7 सितंबर को प्रकाशित किया था
कृषि उत्पन्न बाजार समिति परिसर व क्षेत्र में चल रही चर्चा के आधार पर बुलंद गोंदिया ने कर्मचारी भर्ती व परमानेंट रिश्वत का मामला 7 सितंबर को प्रकाशित किया था जो की 8 सितंबर को आयोजित आमसभा में विरोधी सदस्यों द्वारा उठाए जाने के पूर्व सभापति द्वारा गोलमोल जवाब देकर सभा को भ्रमित किया गया था तथा बाजार समिति के विभिन्न भ्रष्टाचारों व घोटालों के संदर्भ में खबर प्रकाशित किए जाने के चलते आम सभा में भी काफी विलंब हुआ था।आमसभा के दिन अनेक किसानों सभासदों द्वारा आरोप लगाया जा रहा था कि बाजार समिति में चल रहे हैं घोटाले को दबाने के लिए नियम अनुसार सदस्यों को आम सभा की जानकारी भी नहीं दी गई थी जिसके चलते आमसभा तय समय से 3 घंटे विलंब से शुरू हुई थी।
उपरोक्त कार्रवाई डॉक्टर सागर कवडे पुलिस अधीक्षक एसीबी नागपुर, श्रीमती माधुरी बाविस्कर अपर पुलिस अधीक्षक एसीबी नागपुर ,पर्यवेक्षण अधिकारी डॉक्टर अरुण कुमार लोहार पुलिस उपअधीक्षक भंडारा के मार्गदर्शन में पुलिस निरीक्षक नितेश देशमुख, महिला पुलिस निरीक्षक उज्वला मडावी, पुलिस उप निरीक्षक संजय कुंजरकर, पुलिस सिपाही प्रतीक उके, चेतन पोटे, मयूर सिंगनजुड़े, विष्णु वरठी, हितेश हलमारे, हीरा लांडगे, राजकुमार लैंडे, चपोसी पंकज सरोते सभी भंडारा द्वारा की गई।







