बुलंद गोंदिया। देश में स्वामित्व योजना का शुभारंभ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 18 जनवरी को दोपहर 12:30 बजे किया गया इसी के अंतर्गत गोंदिया जिले के ग्राम पंचायत पांजरा में स्वामित्व योजना के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम में स्वामित्व कार्ड का वितरण किया गया इस अवसर पर जिलाधिकारी प्रजित नायर ने अपने संबोधन में कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वामित्व अधिकारों के अभिलेख तैयार किए जाएंगे तथा 711 ग्रामों का ड्रोन से सर्वेक्षण किया गया है।
गौरतलब है की भूमि के मालिकाना हक को लेकर होने वाले विवादों पर लगाम लगाने के लिए स्वामित्व योजना का शुभारंभ प्रधानमंत्री मोदी के हस्ते संपूर्ण देश में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से किया गया,जिसमें देश के 230 से अधिकजिलों के 50हजार ग्रामों के संपत्ति धारकों को स्वामित्व योजना के अंतर्गत 65 लाख से अधिक प्रॉपर्टी कार्ड का वितरण किया गया।
इस कार्यक्रम के अंतर्गत महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, मिजोरम, उड़ीसा, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश राज्य व जम्मू कश्मीर लद्दाख इन दो केंद्र शासित प्रदेशों में संपत्ति कार्ड का वितरण किया गया।
इसी के अंतर्गत गोंदिया जिले में गोंदिया तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम पांजरा के जिला परिषद हिंदी प्राथमिक स्कूल में यह योजना का शुभारंभ जिलाधिकारी प्रजित नायर की अध्यक्षता में आयोजित किया गया व इस अवसर पर प्रमुख अतिथि के रूप में जिला परिषद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मुरुगानंथम उपस्थित थे।
इस अवसर पर जिलाधिकारी द्वारा अपने संबोधन में जानकारी देते हुए कहा कि गोंदिया जिले के 711 गांव में स्वामित्व योजना के अंतर्गत ड्रोन सर्वे किया गया है जिसमें से 456 गांव की सनद प्राप्त हो चुकी है तथा जिले में सनद की संख्या 61 हजार 468 है।
जिस प्रकार 7/12 में मालकियत का सबूत होता है इस तरह कानूनी रूप से मालकियत का अधिकार अब स्वामित्व योजना के अंतर्गत अभिलेख पत्रिका (प्रॉपर्टी कार्ड) व नक्शा तैयार किया जाएगा।
इस योजना के माध्यम से उत्पन्न का स्रोत बढ़ेगा तथा संपत्ति पर कर्ज लेने की सुविधा भी प्राप्त होगी साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में जमीनों के मालकियत को लेकर होने वाले विवादों में भी कमी आएंगी, साथ ही ग्राम पंचायत के संपत्ति कर निर्धारण नमूना क्रमांक 8 स्वचालित रूप से तैयार हो जाएगा तथा इससे ग्राम पंचायत की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी तथा इस सुविधा व शासकीय योजनाओं को बनाने में काफी सहायता होगी साथ ही स्वामित्व योजना के तहत अब ग्राम की सड़क, मकान, आवास, ग्राम पंचायत के खुले स्थान, नालियों का क्षेत्रफल सीमा निर्धारित की जाएगी तथा संपत्तियों का नक्शा तैयार किया जाएगा तथा भूमि के माप के संबंध में पूर्व में अनेक त्रुटियां थीं जिन्हें अब स्वामित्व योजना के तहत सुधार किया जाएगा।
इस अवसर पर कार्यपालन अधिकारी एम. मुरुगानंथम ने कहा किअब अत्यधिक ड्रोन की मदद से ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्ति का सटीक मैप मानचित्र व संपत्ति पत्र तैयार करना आसान और सरल हो गया है तथा इस योजना के तहत सीमा निर्धारण व मैप का कार्य अधिक प्रभावी ढंग से वह समय पर पूरा किया जा सकेगा तथा यह संपत्ति के कानूनी स्वामित्व सुरक्षा की गारंटी देता है तथा भूमि संबंधी विवादों का शीघ्र समाधान किया जाएगा।
इस अवसर पर निवासी उपजिल्हाधिकारी भैय्यासाहेब बेहेरे, उपमुख्य कार्यकारी अधिकारी (ग्रामपंचायत) मधुकर वासनिक, उपविभागीय अधिकारी चंद्रभान खंडाईत, तहसिलदार समशेर पठाण, गटविकास अधिकारी आनंदराव पिंगळे, उपअधीक्षक भूमी अभिलेख अजय क्षीरसागर, विस्तार अधिकारी (पंचायत) चुन्नीलाल गावड, जि.प.सदस्या वैशाली पंधरे, पांजरा ग्रामपंचायत सरपंच भुमेश्वरी नागपुरे व उपसरपंच रमन लिल्हारे मंचपर उपस्थित थे।
कार्यक्रम का परिचय उप अधीक्षक भू-अभिलेख अजय क्षीरसागर ने दिया, संचालन तहसीलदार शमशेर पठान ने व उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी (ग्राम पंचायत) मधुकर वासनिक ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए ग्राम पंचायत अधिकारी नरेशचंद्र येले, प्रधानाध्यापक शेखर गेडाम और शिक्षक हेमकृष्ण टेंभुरने ने कड़ी मेहनत की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अनुदान लाभार्थी और पांजरा ग्रामवासी उपस्थित थे।






