बुलंद गोंदिया। गोंदिया जिले के अर्जुनी मोरगांव तहसील में गड़चिरोली व छत्तीसगढ़ के जंगलो से आये हुये जंगली हाथियों के दल आतंक गत कुछ दिनों से लगातार बढ़ रहा है। जिसमें मक्के वह अन्य फसलों का नुकसान करने के साथ ही अब खेतों में लगे सोलर पैनलों व अन्य कृषि सामाग्रियो को भी हाथियों के दल द्वारा तोड़ा जा रहा है जिससे किसानों में दहशत निर्माण हो गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार गत कुछ समय से छत्तीसगढ़ गडचिरोली से जंगली हाथियों का एक दल गोंदिया जिले के अर्जुनी मोरगांव तहसील में पहुंचकर आतंक मचा रहा है। जिसमें अब तक सैकड़ो एकड़ भूमि पर लगे मक्के व अन्य फसलों का नुकसान करने के साथ ही अब खेतों में लगे सोलर पैनल हो वह अन्य कृषि साहित्य का नुकसान जंगली हाथियों द्वारा किया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि जंगली हाथियों में के दल में करीब 30 से 35 हाथियों का समावेश है जिसमें से 14 अप्रैल की रात का कवठा-बोळदे ग्राम के खेत परिसर में फसलों का भारी नुकसान करने के बाद 15 अप्रैल को हाथियों का दल दो दलों में विभाजित हो गया जिसमें से एक दल एमटीडीसी नवेगांव बंध परिसर की ओर जाता हुआ दिखाई दिया तथा वहीं दूसरे दल के 16 से 17 जंगली हाथियों ने डोंगरगांव कवठा, व बोळदे वह परिसर में रुक कर नुकसान कर रहा है।
गुरुवार 16 अप्रैल की रात करीब 11:00 बजे के दौरान हाथियों के दल ने किसान सीताराम कवळू मेंढे के खेत में पहुंचकर मक्के की फसल का भारी नुकसान किया है जिससे हरी भरी फसल कुछ ही समय में बर्बाद हो गई ,उसी रात मंगल मूर्ति रामटेक के खेत परिसर में सिंचाई के लिए उपयोग में आने वाला सोलर पैनल की भी तोड़फोड़ दल द्वारा की गई है जिससे अब फसल के साथ-साथ आधुनिक कृषि के उपयोग के लिए निर्माण की गई सुविधा को भी भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं।
भारी आर्थिक नुकसान किसानों में दहशत
अर्जुनी मोरगांव तहसील के ग्रामों में जंगली हाथियों के निरंतर आतंक के चलते किसानों का आर्थिक नुकसान होने के साथ ही फसलों को ध्वस्त कर नाश किया जा रहा है। साथ ही सिंचाई के साधनों व कृषि सामग्रियों की संरचना को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं जिससे किसानों में दहशत निर्माण हो गई है।
जंगली हाथियों से दिलाए निजात ग्रामीणों की मांग
कुछ दिनों से अर्जुनी मोरगांव तहसील के वन क्षेत्र में के साथ-साथ कृषि क्षेत्र में आतंक मचा रहे
जंगली हाथियों से बचाव के लिए वन विभाग सावधानी बरतने का आवाहन किया जा रहा है किंतु प्रत्यक्ष रूप से वन विभाग द्वारा हाथियों से बचाव की किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं की गई है जिससे ग्रामीणों में आक्रोश निर्माण होने के साथ ही वन विभाग से जंगली हाथी मुक्त तहसील करने की मांग की जा रही है।






