बुलंद गोंदिया। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में एक युवा महिला डॉक्टर के साथ हत्या व रेप की घटना से संपूर्ण देश में आक्रोश निर्माण हो गया है। जिसका डॉक्टर वह महिला संगठनों द्वारा जमकर विरोध किया जा रहा है रक्षाबंधन के दिन गोंदिया की वूमेन सेफ्टी संगठन द्वारा पीड़ा की लेखनी से निर्मित राखी पुलिस जिलाधिकारी वह पुलिस अधीक्षक को भेंट की जिसमें महिला सुरक्षा से संबंधित विभिन्न स्लोगन थे इस दौरान उपस्थित सभी महिलाओं द्वारा काले कपड़े पहनकर इस घटना का विरोध किया तथा आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलवाने की मांग की।

गौरतलब है कि भारत में महिलाओं के सशक्तिकरण की बड़ी-बड़ी बातें हो रही है लेकिन अब भी महिलाओं पर अत्याचार कम नहीं हो रहे हैं, इसी प्रकार का एक मामला पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में 9 अगस्त को सामने आया है। जिसमें एक युवा महिला डॉक्टर की हत्या व रेप का जघन्य अपराध किया गया जिसका संपूर्ण देश में कड़ा विरोध हो रहा है तथा आरोपियों को कड़ी सजा देने की मांग की जा रही है।
ऐसे आरोपियों को जो महिलाओं के टुकड़े करने में कसाई की भूमिका निभा रहे हैं उन्हें भी टुकड़ों में काटा जाए ऐसी मांग महिला संगठनों द्वारा की जा रही है तथा विकृत मानसिकता पर लगाम लगाकर महिलाओं को सम्मान दें ,यदि अब महिलाओं को सम्मान नहीं मिला वह सुरक्षा नहीं मिली तो वह अपनी सुरक्षा का इंतजाम खुद कर इतिहास रचेंगी।
इसी को लेकर 19 अगस्त रक्षाबंधन के पर्व पर गोंदिया की वूमेन सेफ्टी महिला संगठन द्वारा महिला सुरक्षा जन जागृति अभियान चलाते हुए जिलाधिकारी प्रजीत नायर वह पुलिस अधीक्षक गोरख भामरे को अपनी पीड़ा की लेखनी से द्वारा निर्मित राखी भेंट की।
जिसमें महिलाओं के खिलाफ होने वाले अत्याचारों के खिलाफ विभिन्न स्लोगन लिखे हुए थे साथ ही इतिहास के पन्ने फिर ना दोहराएंगे हथियार उठाओ द्रोपती अब कृष्णा ना आएंगे जैसे स्लोगन भी इस राखी के माध्यम से लिखकर एक कड़ा विरोध जताया गया है।
उल्लेखनीय है कि गोंदिया शहर में भी मेडिकल कॉलेज व छात्रावास है जहां पर बाहर से आकर पढ़ने वाली लड़कियां सुरक्षित रहे तथा अपराधियों पर कड़ी लगाम लगाई जाए तथा महिलाएं सुरक्षित रहे ऐसी मांग की गई जिसके लिए आज विभिन्न महिला सामाजिक संगठनो द्वारा एकजुट होकर काले कपड़े पहनकर यह विरोध व्यक्त किया गया है, जिसमें शहर की महिला डॉक्टर वह स्वास्थ्य सेविका भी बड़ी संख्या में शामिल होकर इसका विरोध किया जिसमें प्रमुख रूप से डॉ. लता जैन , डॉ.अलका बाहेकर , डॉ. निर्मला जयपुरिया डॉ. प्रणिता चिटनविस ,डॉ.स्मिता आचार्य ,डॉ. शिल्पा मेश्राम ,डॉ.कविता भगत डॉ.कंचन भोयर, डॉ. गार्गी बाहेकर ,डॉ मयूरी पटले, डॉ. यामिनी येलने, डा. श्वेतल माहूले, डॉ. मीना वाटी ,डॉ.सुशांकि कापसे, डॉ. पूजा कोठारी ,डॉ. सुवर्णालता उपाध्याय, डॉ.शैफाली जैन ,डॉ. जूली जैन , डॉ. हर्षा कानतोड़े डॉ. स्नेहा शर्मा, डॉ. रश्मि पारधी।
– सामाजिक क्षेत्र से श्रीमती दीप्ति मिश्रा, श्रीमती शर्मिला पॉल, श्रीमती सविता तुरकर ,श्रीमती निशी होरा ,श्रीमती डॉ माधुरी नासरे श्रीमती भावना कदम, श्रीमती मैथिली पुरोहित, श्रीमती शीतल राहगडाले, श्रीमती कंचन ठकरानी ,कुमारी पूजा तिवारी , श्रीमती मीनू दीवानीवाल,कुमारी शालिनी डोंगरे, श्रीमती सीमा खंडेलवाल ,श्रीमती योजना कोतवाल ,श्रीमती दिव्या पारधी, श्रीमती कल्पना चौहान, वैशाली खोबरागड़े, श्रीमती रुचिता चौहान , श्रीमती संगीता माटे, श्रीमती मंगला साबू, श्रीमती संगीता घोष, श्रीमती मनीषा होरा श्रीमती मंजू कटरे, श्रीमती लता बाजपेई, इंजीनियर कुमारी शिखा पीपलेवार,श्रीमती पूजा ठकरानी, श्रीमती कोकिला चौहान ,श्रीमती गायत्री चौहान, एड.सुनीता जैन एवं नर्स बहनों का भी सहयोग रहा जैसे कुमारी अश्विनी भोयर, कुमारी दीप्ति वासनिक, कुमारी भूमि, जयपुरिया नर्सिंग होम की नर्स आदि बहनों का सहयोग रहा।






