बुलंद गोंदिया। गोंदिया पंचायत समिति में कार्यरत पशुधन विकास अधिकारी व उसके एक सहयोगी को पोल्ट्री फार्म व्यवसायी से 10हजार की रिश्वत लेते हुए 4 अगस्त को गोंदिया एंटी करप्शन ब्यूरो द्वारा रंगे हाथों धर दबोचा गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रकरण इस प्रकार है कि शिकायतकर्ता पोल्ट्री फार्म व्यवसायी 42 वर्ष निवासी गोंदिया द्वारा नाविन्यपुर्ण योजना के अंतर्गत बॉयलर मुर्गी की समूह योजना के अंतर्गत मुर्गी पालन हेतु सेड का निर्माण कर व्यवसाय शुरू किया।
तथा उक्त व्यवसाय में शासन से दिए जाने वाले अनुदान की 68500 की राशि शिकायतकर्ता को प्राप्त हो गई थी तथा सब्सिडी की दूसरी किस्त 1 लाख का चेक पास करने के लिए शिकायतकर्ता द्वारा गोंदिया पंचायत समिति के पशुधन विकास अधिकारी के पास आवेदन किया।
लेकिन धनादेश को पास करने हेतु पशुधन विकास अधिकारी जयंत प्रकाश करवड़े ने 12000 की रिश्वत की मांग की तथा आपसी समझौते के तहत 11000 रुपए मेंबात तय कि तथा उसमें से 10000 रुपए की राशि चेक मंजूर होने के पूर्व तथा शेष 1000 की राशि चेक मिलने के बाद देने की बात हुई।
किंतु फरियादी द्वारा रिश्वत न देने की मनसा लेते हुए इस मामले की शिकायत गोंदिया एंटी करप्शन विभाग में कि जिस पर जांच के पश्चात एंटी करप्शन द्वारा जाल बिछाते हुए गुरुवार 3 अगस्त को गोंदिया शहर के गोरेलाल चौक पर कार्रवाई करते हुए पशुधन विकास अधिकारी करवड़े के निजी सहयोगी महेंद्र घरडे चुटिया निवासी को फरियादी से 10000 लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार करने के साथ ही पशुधन विकास अधिकारी पंचायत समिति को भी हिरासत में लिया गया।
दोनों आरोपियों के खिलाफ गोंदिया शहर पुलिस थाने में भ्रष्टाचार प्रतिबंधक कानून की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।
उपरोक्त करवाई एसीबी नागपुर के पुलिस अधीक्षक राहुल माकणीकर, अप्पर अधीक्षक संजय पुरंदरे व सचिन कदम, पुलिस उपअधीक्षक श्रीमती अनामिका मिर्झापूरे के मार्गदर्शन में विलास काले उपअधीक्षक एसीबी गोंदिया पोनि उमाकांत उगले, अतुल तवाड़े , सउपनि. विजय खोब्रागड़े, पो.ह. संजयकुमार बाहेर, मंगेश कहालकर, नापोसि संतोष शेंडे, संतोष बोपचे, प्रशांत सोनवाने, मनापोसि संगीता पटले, चालक नापोसि दीपक बाटबर्वे द्वारा की गई।





