बुलंद गोंदिया। घर से भागे हुए या अपरहण कर ले जाने वाले बच्चों की सुरक्षा के लिए रेलवे सुरक्षा बल गोंदिया द्वारा रेलवे स्थानक पर चाइल्ड हेल्प डेस्क व चाइल्ड रेस्ट रूम शुरू किया गया है।
गौरतलब है कि ट्रेनों में अनेकों बार घर से भागे हुए नाबालिक बच्चे तथा अपरहण ले जाए जाने पर या बेरोजगारी के चलते काम की तलाश में निकले हुए बच्चे गलत लोगों के चुंगल में फंस कर उनका जीवन बर्बाद हो जाता है। लेकिन रेलवे सुरक्षा बल की सतर्कता से अनेकों बार ऐसे बच्चों को बचाकर उनके माता पिता के सुपुर्द किया जाता है। ऐसे बच्चों की सुरक्षा के लिए मंडल सुरक्षा आयुक्त पंकज चुघ ,सहायक सुरक्षा आयुक्त एस.डी देशपांडे के मार्गदर्शन में गोंदिया रेलवे सुरक्षा बल के प्रभारी नंदबहादुर के नेतृत्व में 28 मई को गोंदिया रेल्वे स्थानक पर कोरोना नियमों का पालन करते हुए चाइल्ड प्रोटेक्शन एंड केयर के संदर्भ में सेमिनार आयोजित किया गया जिसमें इंडियन सोशल वेलफेयर सोसाइटी के सदस्य, गोंदिया रेलवे स्टेशन प्रबंधक, शासकीय रेलवे पुलिस कर्मचारी तथा आरपीएफ के सदस्य उपस्थित थे। इस दौरान उपस्थित सदस्यों को रेलवे परिसर में गुमशुदा घर से भाग कर आए अथवा अपरहण कर ले जाने वाले बच्चों के मिलने पर की जाने वाली कार्रवाई के संदर्भ में आरपीएफ मुख्यालय से प्राप्त दिशा निर्देशों के संदर्भ में जानकारी दी गई साथ ही इस स्थिति में कर्मचारियों को क्या करना है यह बताया गया। उल्लेखनीय है कि गोंदिया रेलवे स्थानक से गुजरने वाली गाड़ियों में ऐसे अनेकों मामले सामने आ चुके हैं। जिसमें रेलवे सुरक्षा बल द्वारा संपूर्ण कागजी कार्रवाई कर माता-पिता से बिछड़े बच्चों को उनके परिजनों से मिलवाया है। तथा हाल ही में रेलवे स्टेशन गोंदिया के प्लेटफार्म क्रमांक 4 पर चाइल्ड हेल्प डेस्क तथा चाइल्ड रेस्ट रूम शुरू किया गया है जिसे गोंदिया रेलवे सुरक्षा बल व गोंदिया रेलवे पुलिस बल तथा एनजीओ द्वारा संयुक्त रुप से कार्य करते हुए संचालित किया जा रहा है।
गोंदिया रेल्वे स्थानक पर चाइल्ड हेल्प डेस्क व चाइल्ड रेस्ट रूम शुरू





