बुलंद गोंदिया। खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) की जांच में शहर के दुर्गा मंदिर के पास वाजपेयी वार्ड स्थित वैशाली राजपुरोहित स्वीट्स फैक्ट्री में खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन और अस्वच्छ परिस्थितियां पाए जाने पर खाद्य लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
16 सितंबर को खाद्य सुरक्षा अधिकारी ओं. दे. लांजेवार ने प्रतिष्ठान की जांच की। इस दौरान मानक से अधिक कृत्रिम खाद्य रंग के संदिग्ध उपयोग के चलते 49 किलो मोतीचूर लड्डू मौके पर ही नष्ट किए गए।
जांच में दुकान में मक्खियों व मच्छरों का प्रकोप, तलने के तेल में दो मृत मक्खियां, खुले में रखा पका भोजन तथा जंग लगे और अस्वच्छ भंडारण पात्र पाए गए। वहीं 15 किलो खोवा, 5 किलो कलाकंद और 8 किलो रसगुल्ले के लिए दूध की खरीद से संबंधित बिल या रिकॉर्ड भी प्रस्तुत नहीं किए जा सके।

इसके अलावा कर्मचारियों के लिए हाथ धोने की व्यवस्था नहीं होना, खाद्य पदार्थ संभालते समय तंबाकू का सेवन तथा कर्मचारियों की मेडिकल जांच नहीं किए जाने जैसी कमियां भी सामने आईं।
इन गंभीर खामियों के मद्देनजर सहायक आयुक्त (खाद्य) अमृता ला. शिर्के ने 18 सितंबर 2026 से अगले आदेश तक प्रतिष्ठान का खाद्य लाइसेंस निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में प्रतिष्ठान में किसी भी प्रकार का व्यवसाय या खाद्य बिक्री करने पर रोक रहेगी।
प्रशासन ने जिले के सभी खाद्य कारोबारियों को खाद्य सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने की चेतावनी दी है।चाहें तो मैं इसे “बुलंद गोंदिया” अखबार के छोटे कॉलम/बॉक्स फॉर्मेट में भी तैयार कर सकता हूँ।
फैक्ट्री सील दुकान शुरू करवाई पर प्रश्न चिन्ह
खाद्य प्रशासन द्वारा वैशाली राजपुरोहित की वाजपेई वार्ड स्थित फैक्ट्री में अनेक खामियां पाये जाने पर फैक्ट्री तो सील की गई है लेकिन उनकी रिटेल दुकान शुरू होने से इस कार्रवाई पर प्रश्न चिन्ह लगता दिखाई दे रहा है। जब फैक्ट्री में बनने वाली मिठाई में खामियां पाई गई तो फिर उसे दुकान में कैसे बिक्री की जा सकती है लाइसेंस निलंबित किए जाने के बावजूद भी बेधड़क बिक्री हो रही है।
पहले भी मिला था मिलावटी मावा
कुछ वर्षों पूर्व वैशाली राजपुरोहित की वाजपेई वार्ड स्थित फैक्ट्री में छापामार कार्रवाई में बड़े पैमाने पर मिलावटी मावा वह अन्य खामियां पाई गई थी उसके बावजूद भी मिठाई का कारोबार निरंतर चलते रहने से फूड विभाग व पुलिस प्रशासन की कार्रवाई पर हमेशा प्रश्न चिन्ह निर्माण होता है।
त्योहारों के पर्व में बड़े पैमाने पर मिलावटी मिठाई का कारोबार
गणेश उत्सव शुरू होते ही बड़े पैमाने पर विभिन्न धर्मो के पर्व शुरू हो जाते हैं इस दौरान अधिक मुनाफा कमाने के चलते मिलावट कर वैशाली राजपुरोहित जैसे मिष्ठान द्वारा बड़े पैमाने पर मिलावटी मिठाई वह उसके निर्माण में खामियों दिखाई देती है उसके बावजूद भी कड़ी कार्रवाई नहीं होना यह प्रशासन की लापरवाही सामने आ रही है ।
शहर की अनेकहॉटेल सील ,वैशाली राजपुरोहित की दुकान सील क्यों नहीं
मिठाई निर्माण में खामियां पाई जाने पर तथा गंदगी मानक से अधिक केमिकल रंगो का इस्तेमाल वह मानक स्तर पर न होने के चलते शहर की अनेक होटल को बंद किया गया है लेकिन वैशाली राजपुरोहित पर विशेष कृपा बरसाते हुए विभाग द्वारा सिर्फ फैक्ट्री को नाम मात्र के लिए सील किया जबकि जिले के विभिन्न स्थानों पर वैशाली राजपुरोहित की दुकान निरंतर शुरू है।
ग्राहक बरते सावधानी
त्योहारों का पर्व शुरू होते ही बड़े पैमाने पर मिठाई की मांग बढ़ जाती है लेकिन दूध जैसे पदार्थ सीमित मात्रा में होने के चलते इतने बड़े पैमाने पर मिठाइयों का निर्माण किस प्रकार होता है इसकी खरीदी के पूर्व ग्राहक भी सावधानी बरते जिससे उनके स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ ना हो





