बुलंद गोंदिया। महाराष्ट्र की वैभवशाली सांस्कृतिक पहचान गणेशोत्सव को राज्य सरकार ने 14 अगस्त 2025 के शासन निर्णय के तहत ‘राज्य महोत्सव’ का दर्जा दिया है। इस गौरवशाली परंपरा को वैश्विक स्तर पर ले जाने और यूनेस्को की विश्व विरासत सूची में शामिल कराने के लिए सरकार ने विशेष अभियान शुरू किया है।
इस संबंध में जिलाधिकारी मंदार पत्की ने बताया कि वर्ष 2026 के गणेशोत्सव के अवसर पर महाराष्ट्र के सर्वश्रेष्ठ सार्वजनिक गणेश मंडलों को पुरस्कृत करने के लिए प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। जो मंडल त्योहार मनाने की अनुमति के लिए संबंधित कार्यालयों में आवेदन करेंगे, उन्हें यह शासन निर्णय दिखाया जाएगा और प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए मार्गदर्शन व प्रोत्साहन दिया जाएगा।
Bappa.org पर होगा इतिहास दर्ज
सांस्कृतिक कार्य विभाग के अंतर्गत पुरातत्व निदेशालय द्वारा Bappa.org नामक पोर्टल शुरू किया गया है।
इस पोर्टल के माध्यम से महाराष्ट्र सहित देशभर और दुनिया के 35 से अधिक शहरों में मनाए जाने वाले गणेशोत्सव से जुड़ी परंपराएं, कला, मूर्ति स्थापना, सजावट, हस्तकला, रीति-रिवाज, कला प्रस्तुति, खानपान, यादें और तस्वीरें एक जगह संकलित की जाएंगी।
नागरिक अपनी जानकारी और फोटो WhatsApp के जरिए इस पोर्टल पर अपलोड कर सकते हैं। जनता के सहयोग से तैयार होने वाला यह दस्तावेज महाराष्ट्र की गणेश परंपरा का आधिकारिक और स्थायी सांस्कृतिक रिकॉर्ड बनेगा।
नोडल अधिकारी नियुक्त
गोंदिया जिले के लिए जिला नियोजन अधिकारी डॉ. रुपेश कुमार राउत को इस अभियान का नोडल अधिकारी बनाया गया है।
जिलाधिकारी मंदार पत्की ने सभी नागरिकों और सार्वजनिक गणेश मंडलों से अपील की है कि वे bappa.org लिंक पर जाकर अपने लाडले बप्पा से जुड़ी विरासत को दुनिया के सामने लाएं।






