बुलंद गोंदिया। गोंदिया शहर के ब्राह्मणकर हॉस्पिटल के संचालक डॉ नोव्हिल ब्राह्मणकर वह उनकी टीम द्वारा गत अनेक वर्षों से कैंसर का उपचार किया जा रहा है, जिस पर ग्रामीण भारत में बढ़ते कैंसर को लेकर उनका शोध लेख ग्रामीण भारत में स्तन कैंसर, नैदानिक- रोग विज्ञान संबंधी पैटर्न, आणविक उप प्रकार व सीमित संसाधनों वाले क्षेत्रों में चुनौतियां शीर्षक सेअंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रकाशित हुआ है।

गौरतलब है की गोंदिया के ब्राह्मणकर हॉस्पिटल के संचालक डॉ नोव्हिल ब्राह्मणकर वह उनकी टीम द्वारा गत 5 वर्षों से अधिक समय कैंसर के मरीजों का उपचार कर जिले के साथ-साथ मध्य प्रदेश में छत्तीसगढ़ में भी अपनी पहचान बन चुका है।
विशेष है कि यह क्षेत्र भारत के ग्रामीण क्षेत्र में शामिल है जहां बड़े पैमाने पर स्तन कैंसर के साथ ही गर्भाशय का कैंसर, पेट का कैंसर, मुख कैंसर जीभ कैंसर के मामले बड़े पैमाने पर सामने आ रहे हैं।
अपने चिकित्सा कार्य के दौरान आने वाले इन परिस्थितियों के आधार पर डॉक्टर डॉ नोव्हिल ब्राह्मणकर वह उनकी टीम द्वारा भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ते कैंसरों के कारण व उनकी उपचार तथा जन जागृति के संदर्भ पर एक शोध लेख लिखा गया।
यह शोथलेख ग्रामीण भारत में स्तन कैंसर नैदानिक रोग विज्ञान संबंधी पैटर्न आणविक उप प्रकार एवं सीमित संसाधनों वाले क्षेत्र में चुनौतियां शीर्षक से चिकित्सा विज्ञान अद्यतन और संभावनाएँ” (खंड 5) नामक अंतरराष्ट्रीय पुस्तक में प्रकाशित किया गया है, जिसे बीपी इंटरनेशनल द्वारा प्रकाशित किया गया है। इस पुस्तक की संपादक प्रो. सैंड्रा ए. मारिन्हो हैं, जबकि मुख्य प्रबंध संपादक के रूप में डॉ. एम.बसु का मार्गदर्शन रहा।।
ग्रामीण भारत में बढ़ते कैंसर इस शोध लेख के लेखक डॉ. नोहिल ब्रम्हणकर, डॉ. मौसमी साहा, डॉ. पवन वानखेड़े एवं डॉ. प्रणय अकारे हैं उन्होंने ग्रामीण क्षेत्र में स्तन कैंसर के निदान व उपचार से संबंधित व्यावहारिक चुनौतियों पर अपने अनुभव को प्रकाशित किया है।
उल्लेखनीय है कि डॉ नोव्हिल ब्राह्मणकर व उनकी टीम द्वारा ब्राह्मणकर अस्पताल में 200 से अधिक कैंसर मरीजों का सफलतापूर्वक ऑपरेशन कर स्वास्थ्य क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण सहयोग दिया है साथ ही सामाजिक दायित्व अभियान के अंतर्गत ब्राह्मणकर अस्पताल द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में सैकड़ो निशुल्क शिविरों का आयोजन कर गंभीर बीमारियों का शासकीय योजनाओं के माध्यम से ब्राह्मणकर अस्पताल में निशुल्क ऑपरेशन वह उपचार किया जा रहा है साथ ही अस्पताल में स्तनकैंसर, गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर, पेट कैंसर, प्रोस्टेट ग्रंथि मुख्य कैंसर जीभ ,मलाशय का कैंसर,मूत्राशय का कैंसर,आंत का कैंसर का भी ऑपरेशन किए गए हैं।
कम उम्र में बढ़ता कैंसर
पहले 50 से अधिक उम्र के व्यक्तियों में कैंसर के प्रमाण दिखाई देते थे लेकिन वर्तमान में कम उम्र के मरीजों में भी कैंसर के प्रमाण सामने आ रहे हैं जिसका मुख्य कारण वर्तमान की दिनचर्या खान-पान मुख्य रूप से है जिसके जिससे कैंसर से बचाव हेतु जन जागृति वह प्राथमिक चरणों में उपचार ही महत्वपूर्ण है।
सैकड़ो मरीजों का उपचार व अध्ययन का सार
ग्रामीण भारत में कैंसर के संदर्भ में अधिक जन जागृति नहीं हुई है ब्राह्मणकर अस्पताल में गत अनेक वर्षों में सैकड़ो मरीजों का उपचार कर बीमारी का अध्ययन व रिसर्च कर शोथलेख लिखा गया है जिसका प्रकाशन अंतर्राष्ट्रीय बुक में किया गया है। आज भी भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में कैंसर की जनजागृति प्रभावी रूप से ना होने से अंतिम चरण में मरीज सामने आता है यदि उचित तरीके से अभियान चलाया जाए तो प्राथमिक चरणों में मरीजों के सामने आने पर बड़े पैमाने पर कैंसर के मरीजों का उपचार किया जा सकता है।
– डॉ नोव्हिल ब्राह्मणकर गोंदिया।






