बुलंद गोंदिया। राज्य में सिर्फ गोंदिया जिले में ही प्रेम के प्रतिक सारस पंछी पाए जाते हैं जिनका संरक्षण व संवर्धन किया जा रहा है तथा प्रतिवर्ष जून माह में उनकी गणना की जाती है, लेकिन इस वर्ष सारस गणना में मात्र 25 सारस पाए गए। एव गत चार वर्षो में 20 सा रस जिले से कम हुई जिससे जिले में चल रहे सारस संवर्धन व संरक्षण पर प्रश्न चिन्ह निर्माण हो रहा है।
गौरतलब है की राज्य में सिर्फ गोंदिया जिले में ही प्रेम के प्रतिक सारस पंछी पाए जाते हैं जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटकों का गोंदिया आगमन होता है। तथा सारस पंछियों की संख्या को बढ़ाने के लिए प्रशासन के साथ-साथ संस्थाओं द्वारा भी संवर्धन का कार्य किया जा रहा था।
जिससे गोंदिया जिले में सा रस पंछियों की संख्या में काफी इजाफा हो गया था गत कुछ वर्षों की तुलना करें तो वर्ष 2020 में जिले में 45 सारस, वर्ष 2021 में 39,वर्ष 2022 में 34 वर्ष 2023 में 31 तथा वर्ष 2024 में 25 सारस पाए गए हैं।

इन चार वर्षो में सारस पंछियों की संख्या बढ़ने के स्थान पर कुल सरसो में से 20 पंछियों को हमने खो दिया है जिनका शिकार हुआ है या मौत हुई है इसकी जानकारी प्रशासन के पास भी नहीं है।
सारस पंछियों कीगणना प्रतिवर्ष अनुसार गोंदिया जिले के तिरोडा, आमगांव तहसील के अंतर्गत 70 विभिन्न स्थानों पर की गई जहां सारसों का अधिवास है जिसमें स्वयंसेवक सारस मित्र गोंदिया वन विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा सुबह 5 से 9:00 बजे तक के गणना की जिसमें मात्र 25 सारस पंछी की दर्ज किए गए। हालांकि गणना में लगे टीम का कहना है की अपेक्षा के अनुसार कुछ स्थानों पर सारस के जोड़े दिखाई नहीं दिए गए जिससे टीम और तीन से चार दिनों तक कुछ स्थानों पर जाएंगे तथा उनकी खोज तलाश करने का कार्य पूरी करेंगे।
गणना के लिए 39 दल
सारस गणना के लिए 39 टीम बनाई गई थी जिसमें प्रत्येक दल में एनजीओ के स्वयंसेवक सारस मित्र, स्थानीय प्रतिनिधि, किसान, वन विभाग के वनपाल वनरक्षक सहित 5 से 6 लोग शामिल थे।
सारस संवर्धन पर न्यायालय के कड़े दिशा निर्देश
उल्लेखनीय है कि गोंदिया जिले के सारस संवर्धन को लेकर न्यायालय में जनहित याचिका दायर की गई थी जिस पर न्यायालय द्वारा संज्ञान लेकर स्थानीय जिला प्रशासन को सारस संवर्धन के संदर्भ में कड़े दिशा निर्देश दिए गए थे लेकिन उन दिशा निर्देशों का पालन नहीं हो रहा है। 23 जून को हुई गणना से यह बात स्पष्ट निकलकर सामने आ रही है जिससे भविष्य में न्यायालय के आदेशों की अवहेलना किए जाने वह लापरवाही बरतने पर क्या संबंधित विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ-साथ सारस संवर्धन में लगी संस्था पर भी क्या कार्रवाई होगी।
संख्या बढ़ाने के स्थान पर घट रही
गत कुछ वर्षों पूर्व गोंदिया में मात्र 7 से 8 सरस पंछी पाए गए थे जिसका संवर्धन कर संख्या 45 तक पहुंच गई थी जिसे संभावना जताई जा रही थी कि अब भविष्य में सारस पंछियों की संख्या 100 के करीब पहुंच जाएंगी लेकिन गलत दो से तीन वर्षों के दौरान सारस पंछियों की संख्या में बढ़ोतरी होने के स्थान पर कमी आ रही है। वर्ष 2020 में जहां 45 की संख्या पर पहुंच गए थे वहीं वर्ष 2024 में 25 की संख्या पर आकर टिक गई है।







