बुलंद गोंदिया। ओबीसी संघर्ष कृति व विभिन्न संलग्न संगठनों द्वारा ओबीसी समाज की विभिन्न मांगों को लेकर ओबीसी जन आक्रोश महाआंदोलन गोंदिया की नई प्रसासकिय इमारत के सामने सोमवार 18 सितंबर को आयोजित किया गया है। जिसे सफल बनाने के लिए जिला परिषद सभापति रूपेश (सोनू) कुथे वह एपीएमसी सभापति इंजीनियर राजिव ठकरेले अपने सहयोगियों के साथ जुट गए हैं।
ओबीसी समाज की विभिन्न मांगों जिसमे ओबीसी जनगणना, ओबीसी के आरक्षण में होने वाली घुसपैठ, ओबीसी विद्यार्थियों के लिए छात्रावास, पुलिस पाटिल भर्ती में ओबीसी पर होने वाले अन्याय के विरोध में ओबीसी संघर्ष कृति समिति, राष्ट्रीय ओबीसी महासंघ, ओबीसी अधिकारी कर्मचारी महासंघ जिला गोंदिया, ओबीसी सेवा संघ, महात्मा फुले समता परिषद, ओबीसी अधिकार मंच, युवा ग्रेजुएट फोरम, संविधान मैत्री संघ अवामें मुस्लिम समाज गोंदिया सभी ओबीसी समाज व आदिवासी समाज जातिय संघटना द्वारा ओबीसी जनआक्रोश महा आंदोलन 18 सितंबर सोमवार को प्रशासकी इमारत डॉक्टर बाबासाहेब आंबेडकर चौक गोंदिया में सुबह 11:00 बजे से आयोजित किया गया है।
जिसमें हजारों लाखों की संख्या में ओबीसी बंधूओ को शामिल होकर आंदोलन को सफल बनाने के लिए ओबीसी संघर्ष करती समिति के जिला महासचिव व कृषि पशु संवर्धन सभापति रूपेश सोनू कुथे तथा कृषि उत्पन्न बाजार समिति के संचालक व तहसील प्रभारी ओबीसी संघर्ष कृति समिति के इंजीनियर राजीव ठकरेले अपने सहयोगियों के साथ इसकी तैयारी में जुट चुके हैं।
जिसकी शुरुआत ग्राम टेमनी के मुख्य चौक पर स्थित ओबीसी समाज के महानायक महात्मा ज्योतिबा फुले वह स्त्री शिक्षण की जननी सावित्रीबाई फुले की प्रतिमा को अभिवादन कर प्रचार प्रसार की शुरुआत की गई इसके पश्चात बरबसपुर, असोली, नवरगांव (कला), मुंडिपार तथा इर्री सुबह 6:00 बजे से लेकर दोपहर 12:00 बजे तक 6 गांव के ओबीसी समाज के सर्व पक्षियों कार्यकर्ता तथा नेताओं से मुलाकात कर कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी देते हुए कार्यक्रम के बैनर पंपलेट देकर बड़ी संख्या में आंदोलन में सहभागी होने के लिए निवेदन किया तथा ओबीसी समाज के हक अधिकारों के लिए जागरूक होने की अपील की हर गांव में ओबीसी समाज के लोग जागरूक होते जा रहे हैं. और गांव के लोगों ने वादा किया है कि हर गांव से भारी संख्या में लोग स्वयं खर्चे से आंदोलन किस्सा बनेंगे और अपने संवैधानिक अधिकार की रक्षा करेंगे।
नवरगांव (कला) के सरपंच कार्तिक हमने, तेजराम फूंडे, शैलेश बहेकार, संतोष ठाकुर, विश्वास ठाकुर तथा उनकी पूरी टीम ने भारी संख्या में आने की मंजूरी दी और इस आंदोलन के प्रचार प्रसार से जुड़ने का भी वादा किया है वैसे ही ग्राम आसोली में सुभाष बागडे, योगेश गायधने, सयाराम भेलावे, बंटी भेलावे संदीप हुमे, बिरज ऊके, बिरज गायधने इन सभी ने अपने गाँव की जिम्मेदारी ली है। वैसे ही ग्राम मुंडीपार में संजू ठाकुर पप्पू परिहार नंदू ठाकुर सतीश ठाकुर, नितेश टेंभरे इन सभी ने अपने गांव की जिम्मेदारी ली है। वैसे ही ग्राम इर्री में लखन मेंढे, अशोक मेंढे बेणीराम फुलबांधे, युवराज गायधने, नामदेव वैद्य, सोमेश्वर ठकरेले, किशन दमाहे इन्होंने अपने गांव की जिम्मेदारी ली हैं। गांव – गांव में ओबीसी समाज का अच्छा प्रतिशात मिल रहा है।






