बुलंद गोंदिया।( राहुल हटवार सालेकसा)- गोंदिया जिले के सालेकसा तहसील के आदिवासी दुर्गम क्षेत्र मुरकुडोह की जिला परिषद स्कूल 7 वर्षों के पश्चात फिर से शुरू हुई इस अवसर पर प्रशासन द्वारा शाला में प्रवेश करने वाले विद्यार्थियों का भव्य स्वागत किया।
गौरतलब है कि जिले के आदिवासी दुर्गम क्षेत्र मुरकुडोह में वर्ष 2016 में कक्षा 1 से 4 तक की प्राथमिक शाला विद्यार्थियों की कमी के चलते बंद की गई थी। उल्लेखनीय है कि मुरकूडोह ग्राम तक जाने के लिए मार्ग भी उपलब्ध ना होने के चलते गांव तक शिक्षक भी जाने से कतराते थे। इस गंभीर मामले को अनेक समाचार पत्रों के माध्यम से प्रकाशित कर प्रशासन के संज्ञान में लाया गया जिस पर तत्कालीन पालक मंत्री परिणय फुके द्वारा अपने निजी सचिव को ग्राम मुरकुडोह में भेजा तथा ग्राम वासियों से विभिन्न समस्याओं की जानकारी ली। जिसके पश्चात मुख्य रूप से मार्ग, स्वास्थ्य, शिक्षा इन तीन समस्याओं का समावेश था। इस पर उपायोजना के रूप में तत्कालीन विधायक संजय पूराम के माध्यम से दलदलकुही से मुरकुडोह क्रमांक 1 तक डामरीकरण मार्ग का प्रस्ताव रखा गया जिस पर जल्द से जल्द काम पूर्ण कर मार्ग का निर्माण किया गया। साथ ही सुरक्षा की दृष्टि से सुरक्षा यंत्रणा द्वारा मुरकुडोह में सशस्त्र दूर क्षेत्र के सक्षमीकरण का कार्य भी करने के साथ ही स्वास्थ्य व शिक्षा यह दो विषयों के प्रश्न पर प्रशासन काम पर लगा। जिसके फलस्वरूप उपरोक्त क्षेत्र में फिरते दवाखाना मोबाइल वेन को भेजकर ग्राम वासियों को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई गई, किंतु शिक्षा का मार्ग खुल नहीं पाया था। गत दिनों सशस्त्र चौकी के उद्घाटन के समय पालक मंत्री सुधीर मुनगंटीवार जब उपस्थित हुए तो यह गंभीर समस्या ग्राम वासियों द्वारा उनके समक्ष रखी जिस पर तत्काल उपाय योजना कर जिला परिषद अध्यक्ष पंकज राहंगडाले से संपर्क कर बंद स्कूल को फिर से शुरू करने का आदेश दिया। जिस पर प्रशासन तत्काल कार्य पर लगा जिसके फलस्वरूप शैक्षणिक सत्र 2023 -24 के प्रथम दिन आज शाला शुरू हुई। शाला शुरू होने पर विद्यार्थियों का स्वागत पुष्पगुच्छ व मिष्ठान खिलाकर किया गया। उपरोक्त कार्यक्रम के अध्यक्षता जिला परिषद के अध्यक्ष पंकज राहंगडाले की प्रमुख उपस्थिति जिला परिषद उपाध्यक्ष डॉ यशवंत गणवीर, पूर्व विधायक संजय पुराम, शिक्षणाधिकारी प्राथमिक महेंद्र गजभिए, गट शिक्षणाधिकारी बी.एस डोंगरे, सुदूर क्षेत्र उप पुलिस निरीक्षक दिनेश बागुल, जिला परिषद सदस्य गीता राऊत, विमल कटरे, छाया नागपुरे, पंचायत समिति सभापति प्रमिला गणवीर, सुनीता राऊत, अर्चना मडावी,रेखा फुडे, गुमान सिंह उपराडे, विना कटरे, सरपंच जमुना बाई मरकाम, उप सरपंच व सामाजिक कार्यकर्ता मुकेश इनवाते प्रमुख रूप से उपस्थित थे। तथा शाला के प्रभारी शिक्षक के रूप में जी. के मडामे वह स्वयंसेवक झनक टेकाम की नियुक्ति की गई।
7 वर्षों के पश्चात फिर से शुरू हुई शाला आदिवासी दुर्गम क्षेत्र मुरकुडोह में प्रथम दिन विद्यार्थियों ने लिया प्रवेश







One thought on “7 वर्षों के पश्चात फिर से शुरू हुई शाला आदिवासी दुर्गम क्षेत्र मुरकुडोह में प्रथम दिन विद्यार्थियों ने लिया प्रवेश”
Comments closed