बुलंद गोंदिया। गोंदिया जिले के न्यायिक इतिहास में पहली बार 12 वर्षीय बालक के साथ अनैसर्गिक दुष्कर्म करने के आरोप में अर्जुनी मोरगांव निवासी आरोपी राका उर्फ राकेश सदालाल मडावी उम्र 30 वर्ष को कठोर सजा प्रमुख जिला व विशेष सत्र न्यायधीश एस ए ए आर ओटी द्वारा सुनाते हुए 17 वर्ष का सश्रम कारावास वह 60 हजार का दंड ठोका।
प्राप्त जानकारी के अनुसार गोंदिया जिले के अर्जुनी मोरगांव निवासी आरोपी राका उर्फ राकेश सदालाल मडावी उम्र 30 वर्ष द्वारा 13 मार्च 2017 की शाम 6:00 से 7:00 के दौरान गांव के ही एक 11 वर्ष 8 महीने के नाबालिग बालक के साथ अनैसर्गिक दुष्कर्म किया था। घटना इस प्रकार है कि रात 8:00 बजे जब पीड़ित बालक के पिता फरियादी उम्र 50 वर्ष यह अपने दुकान से घर पहुंचे तो पीड़ित बालक ने बताया कि वह घर के आंगन में खेल रहा था इसी दौरान 6:00 से 7:00 के दौरान पड़ोसी आरोपी राका उर्फ राकेश मडावी ने आकर कहा कि कबाड़ी दुकान की तरफ चल 20 दूंगा तथा उसे गांव के बाहर पानी की टंकी के समीप ले जाकर तनत के ढेर में अपने व उसके कपड़े निकाल कर पीड़ित बालक के विरोध के बावजूद गला दबाकर जान से मारने की धमकी देकर अनैसर्गिक दुष्कर्म किया। घटना की जानकारी पिता को मिलने के पश्चात उपरोक्त मामले में आरोपी के खिलाफ 14 मार्च 2017 को पुलिस स्टेशन अर्जुनी मोरगांव में शिकायत दर्ज कराई गई उपरोक्त मामले में शिकायत दर्ज कर तत्कालीन सहायक पुलिस उपनिरीक्षक पराग भाट द्वारा आरोपी के खिलाफ भादवि की धारा 377, 363, 506 तथा सहायक धारा बाल लैंगिक अत्याचार प्रतिबंधक कानून 2012 की धारा 4,व 6 के तहत दर्ज कर उपरोक्त मामले की जांच कर न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया। न्यायालय में आरोपी के खिलाफ आरोप सिद्ध करने के लिए सरकार तथा पीड़ित की ओर से विशेष सरकारी वकील कृष्णा डी पारधी व महेश चांदवानी जिला सरकारी वकील द्वारा न्यायालय के समक्ष 9 गवाहों को प्रस्तुत किया तथा पीड़ित का बयान, उम्र, चिकित्सा अहवाल तथा सरकारी वकील की पैरवी को देखते हुए प्रमुख जिला व विशेष सत्र न्यायधीश एस ए ए आर ओटी द्वारा आरोपी को दोषी करार देते हुए बाल लैंगिक अत्याचार कानून संरक्षण अधिनियम की धारा 6 के तहत 10 वर्ष का सश्रम कारावास व 50000 का जुर्माना दंड की राशि ना भरने पर 2 वर्ष का अतिरिक्त कारावास तथा भादवि की धारा 363 के तहत 5 वर्ष का सश्रम कारावास ₹5000 का जुर्माना दंड की राशि ना भरने पर 1 वर्ष का अतिरिक्त कारावास तथा भादवि की धारा 506 के तहत 2 वर्ष का सश्रम कारावास तथा 5000 का जुर्माना दंड की राशि ना भरने पर 1 वर्ष का अतिरिक्त कारावास इस प 17 वर्ष का सश्रम कारावास व 60000 जुर्माने की कठोर सजा दी तथा ठंड की राशि प्राप्त होने पर उपरोक्त राशि पीड़ित बालक को देने का आदेश देने के साथ ही जिला विधि सेवा प्राधिकरण गोंदिया के माध्यम से पीड़ित बालक को मनोधैर्य योजना के अंतर्गत आर्थिक मदद व पुनर्वसन करने का आदेश दिया है। उपरोक्त मामले में पुलिस निरीक्षक चंद्रकांत सूर्यवंशी पुलिस स्टेशन अर्जुनी मोरगांव के मार्गदर्शन में पैरवी पुलिस कर्मचारी मपोहवा गीता ठाकुर द्वारा न्यायालय कार्य में सहयोग दिया।
कलम 377 भादवी के प्रकरण में नवजोत सिंह जोहर विरुद्ध भारत सरकार 2018 इस प्रकरण में माननीय सर्वोच्च न्यायालय में दो व्यक्ति जिसमें स्वयं मर्जी वह सम्मति से अनैसर्गिक संबंध रखने पर धारा 377 भादवी के अनुसार गुनाह होता नहीं इसलिए कलम 377 भादवी को उपरोक्त उद्देश्य पूर्ति के लिए अवैध घोषित किया था। परंतु बिना सम्मति से किया गया नैसर्गिक कृत्य दंडनीय अपराध है। ऐसा उन्होंने अपने निर्णय में दिया था इस आधार पर माननीय विशेष न्यायालय गोंदिया द्वारा आरोपी को दोषी करार देते हुए सश्रम कारावास की सजा सुनाई व पीड़ित बालक अथवा बालिका पर होने वाले लैंगिक अत्याचार तथा बाल लैंगिक अत्याचार श्रेणी में बदल होता है जिससे आज दिया गया निर्णय समाज के लिए एक दिशा दर्शक है ।
कृष्णा डी पारधी विशेष सरकारी वकील जिला व सत्र न्यायालय गोंदिया।
12 वर्षीय बालक के साथ अनैसर्गिक दुष्कर्म आरोपी राका उर्फ राकेश मडावी को 17 वर्ष का सश्रम कारावास 60 हजार का जुर्माना, गोंदिया जिले के इतिहास में पहली बार अनैसर्गिक दुष्कर्म के आरोपी को धारा 377 के तहत मिली कठोर सजा





