बुलंद गोंदिया। गोंदिया जिले के ब्रह्मलीन संत शिरोमणि जयरामदास उर्फ लहरी बाबा के 7 दिसंबर 2022 को जन्मदिवस के 100 वर्ष पूर्ण होने जा रहे हैं। इस उपलक्ष में वर्ष 2022 का संपूर्ण वर्ष जन्म शताब्दी समारोह के रूप में पूरे भारतवर्ष में विभिन्न कार्यक्रमों के साथ आयोजित किया जाएगा।इस की जानकारी 29 जनवरी को आयोजित पत्र परिषद में लहरी आश्रम ट्रस्ट के शिष्य गण एवं खिलेश्वर उर्फ टुकड़ोंजी बाबा ने दी है।
गौरतलब है कि गोंदिया जिले के गोंदिया तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम कामठा में 7 दिसंबर 1922 को संत शिरोमणि जयरामदास उर्फ लहरी बाबा का जन्म हुआ था बचपन से ही वे आध्यात्मिक क्षेत्र व समाज सेवा में रत रहकर समाज में फैली अंधश्रद्धा, अज्ञानता व पुरानी असामाजिक रूढ़ियों को समाप्त कर समाज में जनजागृति लाने का कार्य शुरू कर दिया था। उनके इन कार्यों से उनकी ख्याति दूर-दूर तक फैलने लगी थी तथा उन्हें एक दिव्य ज्ञान प्राप्त हुआ तथा वह क्षेत्र के एक महान संत के रूप में जाने जाने लगे, उन्होंने जय मानव का नारा देकर मानव सेवा को ही उत्कृष्ट कार्य बताया तथा महाराष्ट्र की संत परंपरा के श्रेष्ठ व अग्रणी संत थे उन्होंने कभी अपने जीवन में जात-पात ऊंच-नीच धर्म इन बातों से किसी में भी भेदभाव नहीं किया वह केवल मानव कल्याण की ही बात करते थे। वैसे तो हजारों लोगों को उनके चमत्कारिक अनुभव प्राप्त हुए किंतु उन्होंने सदैव कहा कि चमत्कार वही है जो दानव को सच्चा मानव बनाएं ,सत्य कार्य ही सत्यनारायण की पूजा है। ऐसा कहने वाले महाराष्ट्र के पुरो गामी संत थे सच्चे संत को कैसे पहचाने ऐसा कहते वक्त उन्होंने कहा जो अनंत में विलीन हैं वही संत है जिव ही शिव है ऐसा वह मानते थे और यही बात उन्होंने अपने आध्यात्मिक ज्ञान के माध्यम से लोगों को समाज को समझाने की कोशिश की वैसे तो बाबा केवल चौथी कक्षा तक ही विद्यार्जन कर पाए थे लेकिन उन्होंने आध्यात्मिक ग्रंथ प्रपंच परमार्थ एक सार एवं लगभग 17 सौ मराठी एवं हिंदी लिखित भजनों में अपने विचार प्रकट किए जो आज भी समाज को प्रेरणा दे रहे हैं।
वे अपने जीवन काल में कई प्रतिष्ठित व्यक्तियों से भी मिले जब यह महात्मा गांधी से मिले तो गांधी जी ने उन्हें गांव में जाकर जागृति का काम करने को कहा जो उन्होंने हमेशा याद रखा और वैसा कार्य भी किया साथ ही व्यसन मुक्ति का कार्य बड़े पैमाने पर उन्होंने किया जिसके लिए शासन द्वारा सम्मानित एवं पुरस्कृत करने का प्रस्ताव रखा किंतु उन्होंने अस्वीकार कर दिया ।
राष्ट्रसंत टुकड़ोंजी महाराज उन्हें अपने छोटे भाई के रूप में मानते थे जब भी राष्ट्रसंत का आगमन गोंदिया में किसी धार्मिक कार्यक्रम के लिए होता तो वह परम पूज्य लहरी बाबा को सम्मान के साथ अपने बगल में स्थान दिया करते थे साथ ही बाबा के आग्रह पर राष्ट्रसंत टुकड़ोंजी महाराज ने कामठा आश्रम को भी भेंट दी थी तब उनके साथ गोंदिया के प्रतिष्ठित व्यक्ति मनोहरभाई पटेल भी थे ।
साध्वी प्रीतिसुधाजी का कार्यक्रम जब गोंदिया में हुआ तो तब आयोजकों ने परम पूज्य बाबा को भी कार्यक्रम में आमंत्रित किया था तब साध्वी प्रीतिसुधाजी ने बाबा से पूछा था बाबा आप समाधि कैसे लगाते हैं तब बाबा ने बड़ा ही शानदार जवाब दिया कि मैं हर पल समाधि में ही रहता हूं और उनके इस जवाब से साध्वी प्रीतिसुधाजी भी काफी प्रभावित हुए थे ।
ऐसे महान संत विभूति के जन्म के 100 साल वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष में श्री संत लहरी आश्रम काठा ट्रस्ट जिला गोंदिया द्वारा जन्म शताब्दी समारोह 2022 मनाने का निश्चय किया है। जिसमें बाबा के शिष्यगन संपूर्ण भारतवर्ष में जगह-जगह सामाजिक एवं धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन करेंगे तथा इसका मुख्य कार्यक्रम लहरी आश्रम गोंदिया में 7 दिसंबर 2022 से 11 दिसंबर 2022 तक बड़े ही भव्य स्वरूप में आयोजित किया जाएगा । इस अवसर पर भारतवर्ष के संतों का भव्य संत सम्मेलन भी आयोजित होगा जिसमें नामी संतों के सम्मिलित होने की संभावना है ,साथ ही विभिन्न सामाजिक व धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा जिसमें रक्तदान, स्वास्थ्य विषयक शिविर, विद्यार्थियों के लिए विभिन्न प्रतियोगिता, ग्राम सफाई अभियान जैसे कार्यक्रम है।
इस प्रकार की जानकारी लहरी आश्रम ट्रस्ट के पदाधिकारियों शिष्यगनों व लहरी बाबा के सुपुत्र खिलेश्वर उर्फ टुकड़ोंजी बाबा ने दी है इस अवसर पर गोपालबाबा,केबी बावनथड़े, रामकृष्ण बाघाडे, अनिल ठाकरे ,मनोहर गोंडाने, संजय तरॉड , अपूर्व मेठी, दीपक कुंदनानी, विजय सातपूरे, विट्ठलराव भरने आदि उपस्थित थे।
संत लहरी बाबा जन्म शताब्दी वर्ष 2022 , पूरे भारतवर्ष में विभिन्न स्थानों पर होंगा कार्यक्रमों का आयोजन
