अतिसंवेदनशील दर्रेकसा प्राथमिक अस्पताल में अधिकारी-कर्मचारी अनुपस्थित

प्रशासन की लापरवाही, कार्यवाही की मांग
रवि सोनवाने । सालेकसा तहसील तहत जंगली भू-भाग से आच्छादित पहाड़ी क्षेत्र के नाम से पहचाने जाने वाले अतीदुर्गम तथा नक्सल प्रभावित आदिवासी तथा हाल ही में संपूर्ण गोंदिया जिले तहत सबसे ज्यादा मलेरिया के मरीज पाए जाने वाले दर्रेकसा प्राथमिक अस्पताल में दिनांक 28 अगस्त शनिवार को सभी अधिकारी तथा कर्मचारी अनुपस्थित रहने की बात सामने आई है। इसको प्रशासन की घोर लापरवाही का परिणाम बताया गया है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मरीजों का दिन भर आना-जाना लगा रहा परंतु अस्पताल में कोई चिकित्सक या अधिकारी कर्मचारी उपस्थित नहीं होने से आम जनों को स्वास्थ्य लाभ हेतु सालेकसा,आमगांव तथा गोंदिया के चक्कर लगाने पड़े। इस दरमियान उच्चाधिकारियों से संपर्क किया गया परंतु किसी ने भी फोन पर जवाब नहीं दिया। जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि अधिकारी तथा कर्मचारियों की तानाशाही किस कदर बढ़ चुकी है।
प्राथमिक अस्पताल में पिपरिया,कहाली,निंबा,नगर पंचायत सालेकसा का कुछ भाग,कोसमतर्रा,टोयागोंदी,दर्रेकसा,जमाकुड़ो जैसे अतीसंवेदनशील ग्राम पंचायतों का समावेश है। और विशेषकर यहां दर्रेकसा ग्राम पंचायत तहत अतीदुर्गम दंडारी-मुरकुडोह के आमजनों का स्वास्थ्य लाभ हेतु लगभग 15 कि.मी. पैदल आना-जाना होता है। जबकि दंडारी-मुरकुडोह मलेरिया जैसे घातक बीमारी के लिए हाल ही में संवेदनशील घोषित किया गया है।
दर्रेकसा जैसे अतीसंवेदनशील क्षेत्र में उच्चाधिकारियों का आना जाना बहुत ही कम होता है।अतः यहां पदस्थ अधिकारी तथा कर्मचारी अवसर का लाभ लेने नहीं चुकते।अपनी तानाशाही चलाते हुए कार्य करते हैं। मतलब यहां कार्यरत अधिकारी कर्मचारी अपने मर्जी के मालिक बताए गए हैं।
बताया गया है कि विगत 11 जुलाई से मलेरिया की रोकथाम हेतु अस्पताल के कार्यक्षेत्र में मच्छरदानी का वितरण शुरू है परंतु इन्हीं अधिकारियों की तानाशाही की वजह से आज तक आम जनों तक मच्छरदानीया नहीं पहुंच पाई है। एक दिन वितरण करके दस दिनों का आराम ऐसा काम यहां चल रहा है। और इसी वजह से इस क्षेत्र में मलेरिया पर रोकथाम लगाना मुश्किल हो चुका है।इस सारे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर उचित कार्यवाही करने की मांग स्थानिक जनता ने की है।

तहसील मुख्यालय सालेकसा में मानवविकास कार्यक्रम का कैम्प होने से अधिकतर अधिकारी व कर्मचारी कैम्प में उपस्थित थे। कुछ अधिकारी व कर्मचारियों को अस्पताल में रुकने के लिखित निर्देश दिए गए थे। परंतु वे वहां उपस्थित नहीं होने की जानकारी प्राप्त हुई है। इसकी जांच कर दोषियों पर उचित कार्यवाही की जाएगी।”
डॉ. अमित खोड़नकर तहसील स्वास्थ्य अधिकारी सालेकसा

क्षेत्र संवेदनशील होने से इसका पूरा लाभ लेने की कोशिश यहां कार्यरत अधिकारि एंव कर्मचारियों द्वारा की जाती है। जिसका परिणाम यहां की जनता को भुगतना पड़ता है। भविष्य में यहां कोई अनहोनी न हो इस ओर प्रशासन ध्यान दें!अन्यथा स्थानिक जनता को इसके खिलाफ सड़क पर उतरने को मजबूर होना पड़ेगा।
ओमप्रकाश लिल्हारे महासचिव जिला युवक कांग्रेस टोयागोंदी

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